
उज्जैन। वर्ष 2026 आगाज कड़ाके की ठंड के साथ हुआ है। साल के दूसरे दिन दिन भर सर्द हवा चलती रही। लोग ठंड से बचने के जतन करते रहे है। शाम होने से पहले ही अलाव जलने लगे थे। गुरुवार शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान में तेजी आई थी वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने पहले ही जता दिया था कि जनवरी माह कड़ाके की ठंड के बीच गुजरेगा, जो अब सटिक साबित होता दिखाई दे रहा है। नववर्ष के पहले दिन ही आसमान में बादलों की दस्तक हो गई थी और अधिकतम तापमान में गिरावट आई थी। शुक्रवार सुबह शहर में घना कोहरा दिखाई दिया। आसमान में बादल छाए हुए हैं जिसकी वजह से सूर्य की रोशनी मध्यम हो गई है। ठंड से लोग ठिठुर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 4 जनवरी तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुआ है। आसमान में छाए बादलों की वजह से गुरुवार-शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान में तेजी आई है।
जीवाजी राव वेधशाला पर न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री दर्ज हुआ है जो दिसंबर माह के अंतिम दिन तक 10 डिग्री से नीचे बना हुआ था। स्थानीय वेधशाला अधीक्षक डॉक्टर राजेंद्र कुमार गुप्ता के अनुसार शुक्रवार को दिनभर चली ठंडी हवा से अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री दर्ज किया गया है। आसमान में बादल होने की वजह से अधिकतम तापमान कम होगा। जिसके चलते ठंड महसूस हो रही है। दो दिन बाद मौसम पूरी तरह से साफ होते ही शीतलहर चलने लगेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के चलते ठंडी हवा का रूख प्रदेश की ओर बना हुआ है।
