नयी दिल्ली, 02 जनवरी (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों और अन्य संबंधित संस्थाओं से जुड़े धनशोधन मामले की जारी जांच में हाल ही में दिल्ली में कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। क्षेत्रीय कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आरोपियों पर अवैध जबरन वसूली, निजी वित्तदाताओं के साथ जबरन ऋण समझौते, हथियारों का इस्तेमाल करके धमकी देने और इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों से आय अर्जित करने का आरोप है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इंदरजीत सिंह यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और दायर आरोपपत्रों के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत जांच शुरू की। इन आरोपों में शस्त्र अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय दंड संहिता का उल्लंघन शामिल है।
एफआईआर के अनुसार, जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, जो ‘जेम्स ट्यून्स’ के नाम से संचालित होती है, का मालिक और प्रमुख नियंत्रक इंदरजीत सिंह यादव हत्या, जबरन वसूली, जबरन ऋण निपटान, धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध भूमि हड़पने और हिंसक अपराधों सहित आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। यादव वर्तमान में हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांछित है और माना जा रहा है कि वह फरार होकर संयुक्त अरब अमीरात से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। विशेष खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, ईडी ने मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। यादव के करीबी सहयोगियों में से एक, अमन कुमार, जिसने निजी फाइनेंसरों के साथ धन के लेन-देन और समझौतों की व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, के पास से अपराध की आय बरामद हुई और वह उसे नष्ट करने का प्रयास कर रहा था।
तलाशी के दौरान, ईडी ने अवैध साधनों से अर्जित चल एवं अचल संपत्तियों की पहचान की। इस अभियान के परिणामस्वरूप 6.24 करोड़ रुपये नकद, 17.4 करोड़ रुपये के आभूषण, कई चेकबुक, लगभग 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए गए। इससे पहले इस मामले में तलाशी एवं जब्ती अभियान में पांच लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, 17 लाख रुपये की नकदी, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों से संबंधित डेटा जब्त किया गया था। जांच में यह भी पता चला कि यादव और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अपराध से प्राप्त धन का उपयोग करके कई चल एवं अचल संपत्तियां अर्जित की गई थीं। मामले की जांच जारी है।

