पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले अधीर रंजन चौधरी का ममता सरकार पर बड़ा हमला; टीएमसी पर लगाया 58 लाख वोट चोरी करने का आरोप, समर्थन में उतरी भाजपा

नई दिल्ली, 01 जनवरी, 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चौधरी ने आरोप लगाया कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया के नाम पर राज्य में 58.2 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाकर ‘वोट चोरी’ का हथियार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि 95 फीसदी बीएलओ सरकारी कर्मचारी हैं, जिनका इस्तेमाल टीएमसी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कर रही है। अधीर रंजन का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी हालिया मुलाकात के बाद आया है, जिसने बंगाल की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि वे ‘मसीहा’ बनने का नाटक करती हैं, जबकि असल में बंगाल के लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। उन्होंने टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि पहले मतदाताओं को डराया जाता है और फिर उन्हें बचाने का ढोंग कर वोट हासिल किए जाते हैं। चौधरी ने 2021 के चुनावों में हुई हिंसा और 65 हत्याओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी टीएमसी इसी हिंसक और फर्जीवाड़े वाले पैटर्न को दोहराने की कोशिश कर रही है।

अधीर रंजन के इस बयान के बाद भाजपा ने उनके सुर में सुर मिलाते हुए टीएमसी के “महाजंगलराज” पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने चौधरी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने खुद ममता बनर्जी के भ्रष्टाचार और चुनावी धांधली का पर्दाफाश कर दिया है। यह घटनाक्रम ‘इंडिया गठबंधन’ के भीतर टीएमसी और कांग्रेस के बीच बढ़ती खाई को साफ दर्शाता है। जहाँ ममता बनर्जी ने बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, वहीं अधीर के तेवरों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में कांग्रेस की ज़मीन बचाने के लिए टीएमसी से सीधे टकराव के मूड में हैं।

Next Post

कर्तव्य पथ पर पहली बार परेड करेंगे सेना के ‘मूक योद्धा’; गणतंत्र दिवस पर बैक्ट्रियन ऊंट, शिकारी पक्षी और स्वदेशी डॉग स्क्वॉड दिखाएंगे अपना पराक्रम

Thu Jan 1 , 2026
नई दिल्ली, 01 जनवरी, 2026: राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी की रिहर्सल पूरे जोश के साथ शुरू हो गई है। गणतंत्र दिवस 2026 की परेड इस बार एक ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनेगी, क्योंकि पहली बार भारतीय सेना के ‘मूक योद्धा’ (पशु-दस्ता) एक संगठित रूप में अपनी […]

You May Like