ग्वालियर: जाति, भाषा और क्षेत्रीय विभाजनों से ऊपर उठकर एकजुट हिंदू समाज ही राष्ट्रीय एकता और वैश्विक कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। समरस, संगठित हिंदू समाज से ही विश्व में शांति संभव है।यह बात मध्य भारत प्रांत के धर्म जागरण संयोजक नवनीत शर्मा ने लक्ष्मीपुरम स्थित नटखट हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता की आसंदी से कही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लाल टिपारा आदर्श गौशाला के संत ऋषभदेवानंद महाराज, विशेष अतिथि अर्चना सिकरवार थीं। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक परशुराम चौरसिया भी मंचासीन रहे।
मुख्य वक्ता शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज की पहचान विविधता में एकता है। जाति, वर्ग और पंथ से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही समरसता का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है जब-जब हिंदू समाज बंटा है तब-तब भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा गया और जब एकजुट हुआ तो समाज ने दुश्मनों के दांत खट्टे किए। देश को आजादी सभी की सहभागिता से ही मिली।
ऋषभदेवानंद महाराज ने गाय माता और हिंदुत्व की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठित हिंदू समाज ही समर्थ और विकसित भारत का आधार है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। अर्चना सिकरवार ने पंच परिवर्तन- सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व बोध और नागरिक कर्तव्य बोध पर जोर दिया।
सम्मेलन से अखंड रामायण पाठ का हवन हुआ। तत्पश्चात कलश यात्रा, रामधुन और भजन कीर्तन हुए। कलश यात्रा में घोड़े पर सवार भारत माता, महारानी लक्ष्मीबाई एवं राम दरबार आकर्षण का केंद्र रहा। भारत माता की आरती के बाद सभी ने सहभोज किया।
सेवा भारती ने निकाली जागरण रैली
हिंदू सम्मेलन के निमित्त सेवा भारती संजय नगर सहित विभिन्न बस्तियों में जागरण रैली निकाली। इसके अलावा केशव नगर, छत्रसाल नगर, बिरला नगर सहित अन्य बस्तियों में भी रामधुन और प्रभात जागरण रैली निकाली गई।
