
जबलपुर: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिले के आदिवासी छात्रावासों और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता जताई। एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता विराज यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि छात्रावासों में विद्यार्थियों को सड़ा-गला भोजन दिया जा रहा है तथा उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
यादव ने बताया कि 29 दिसंबर को हुए छात्र आंदोलन का कारण लंबे समय से जारी उपेक्षा है, जिसमें स्वच्छ पेयजल, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं का अभाव शामिल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यार्थियों से शौचालयों की सफाई कराई जा रही है और पूर्व में की गई शिकायतों पर केवल दिखावटी कार्रवाई हुई।
एनएसयूआई ने 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए बहु-विभागीय टीम से मासिक निरीक्षण, भोजन के नमूनों की अनिवार्य प्रयोगशाला जांच, दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तथा कलेक्टर की निगरानी में गोपनीय शिकायत निवारण तंत्र की मांग की है। चेतावनी देते हुए यादव ने कहा कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हजारों आदिवासी छात्र और एनएसयूआई कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेंगे।
