भोपाल: ननि में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किया गया, वहीं कोलार नगर पालिका से नगर निगम में शामिल हुए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी इस लाभ से वंचित है़ं. नगर निगम में एैसे लगभग 20 कर्मचारी हैं. नगर पालिका को नगर निगम में विलय हुए 18 वर्ष से अधिक हो गया. आज सभी कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी/मस्टरकर्मी के रुप में कार्य कर रहे हैं. नगर निगम मेें सुनवाई ना होने पर अब उन्होंने कलेक्टर को शिकायत कर विनियमित करने की मांग की है.
हमारे साथ भेदभाव क्यों
उनका आरोप है कि जब नगर निगम के कर्मचारियों को विनियमित का लाभ दिया जा रहा है, फिर हमारे साथ यह भेदभाव क्यों? नगर निगम में सभी कर्मचारी एक समान कार्य कर रहे हैं. कर्मचारियों ने विनियमित करने के लिए शासन के परिपत्र/सर्कुलर की कंडिका 1.8 की का हवाला भी दिया है.उन्होंने हवाला दिया कि नगर निगम के मई 2007 से पूर्व कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचिारियों को विनियमित किया जा रहा है, उसी तरह 2007 के ठीक बाद नियुक्त हुए हम कर्मचारियो को वंचित रखा गया है।
हमारे पास हमारे नियमित कार्य करने के मस्टर रोल उपलब्ध है. इतने वर्षों की सेवा के बाद भी केवल कट आफ डेट के आधार पर विनियमित से वंचित रखा गया. विनियमित की मांग करने वाले कर्मचारियों में साधना रिछारिया, अनीता यादव, शशि मिश्रा, लल्लन यादव, बाबूलाल यादव, सुरेश वर्मा, मुकेश पाण्डेय, साहस चतुर्वेदी, शिवप्रसाद त्रिपाठी, रामकिशोर पाठक, अयाज खान, प्रमोद वाहने,मुकेश मारण, वीरेन्द्र उपाध्याय, शिवशंकर तिवारी आदि है.
