नयी दिल्ली, 17 मार्च (वार्ता) लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सुप्रिया सुले ने आईडीबीआई बैंक का निजीकरण न किये जाने की मांग करते हुये कहा कि बैंक का कामकाज बेहतर ढंग से चल रहा है, अत: इसकी यथास्थिति बनाये रखी जाये।
श्रीमती सुले ने शून्य काल में यह मामला उठाते हुये कहा कि बैंक के बहुसंख्यक शेयर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास हैं, जिन्हें उसी के पास बनाये रखा जाना चाहिये। बैंक ने गैर-निष्पादित सम्पत्तियों (एनपीए) के मामले में बहुत अच्छा काम किया है। बैंक का सम्पूर्ण कामकाज अच्छा चल रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक के 20 हजार कर्मचारियों की मांग है कि बैंक का निजीकरण न किया जाये। उन्होंने कहा कि संसद में आश्वासन दिया गया था कि इस बैंक का कभी निजीकरण नहीं किया जायेगा, उन आश्वासन का पालन किया जाना चाहिये। उन्होंने मांग की बैंक की यथास्थिति बनायी रखी जाये।
भारतीय जनता पार्टी के अरुण गोविल ने मांग की कि बैंकों पर बीमा संबंधी कार्य किये जाने का दबाव डाला जाना बंद किया जाना चाहिये, बैंकों से सिर्फ बैंकिंग संबंधी कार्य कराये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों से बीमा संबंधी कार्य और बैंकों से बैंकिंग से जुड़े कार्य ही लिये जाने चाहिये। उन्होंने मांग की कि बैंकों से अविलंब बीमा संबंधी कार्य वापस ले लिये जाने चाहिये।
कांग्रेस के हैबी ईडेन ने गिग वर्कर को सामान्य कर्मचारियों की सुविधायें दिये जाने की मांग करते हुये कहा कि उन्हें भी सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिये। उन्होंने मांग की कि संसद में कानून बनाकर गिग वर्कर की समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिये।
