
उज्जैन। वर्ष 1959 के बाद पहली बार 2028 के सिंहस्थ में शिप्रा के शुद्ध जल से स्नान होगा। पहले खान नदी का पानी मिलने से गंदगी फैलती थी, लेकिन अब केवल शुद्ध शिप्रा जल से ही स्नान की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यह भी कहा कि जहां पर बबूल के पेड़ थे, बड़ा जंगल था वहां पर आईटी पार्क बन रहा है । यही तो विकास है।
सोमवार को शहर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए ऐतिहासिक और अभूतपूर्व विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ में एक साथ 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे इसके लिए 29 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जा रहे हैं।
मेट्रो , वंदे मेट्रो और 13 पुल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में मेट्रो ट्रेन और वंदे मेट्रो ट्रेन लाई जा रही है, जो अत्यधिक गति से दौड़ेगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट, हेलीपैड सिक्स लेन सड़क, कई फोरलेन मार्ग और पूरे शहर में टू-लेन से फोर-लेन कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है, जिससे जनता को दुर्घटनाओं से बचाया जा सकेगा। उज्जैन में 13 नए पुल बन रहे हैं, जो शहर के यातायात को नई दिशा देंगे।
सीएम ने कहा कि फ्रीगंज क्षेत्र की जनता को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शिप्रा जाने के लिए अलग मार्ग और सिंहस्थ क्षेत्र में जाने के लिए अलग मार्ग बनाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
देश का सबसे अच्छा होटल महाराजवाड़ा हेरिटेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 साल पुराने महाराजवाड़ा स्कूल में देश का सबसे उत्कृष्ट, सर्वसुविधायुक्त होटल महाराजवाड़ा हेरिटेज बनाया गया है, ऐसा होटल पूरे भारत में कहीं नहीं है। इसी तरह वीर भारत न्यास द्वारा कोठी पर संग्रहाल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उज्जैन की हर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का उपयोग जन सुविधा और जनकल्याण के लिए किया जा रहा है।
प्रशिक्षण और रोजगार दोनों
औद्योगिक और रोजगार क्षेत्र में हो रहे विकास पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिभा सिंटेक्स कंपनी में प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है, जिससे 3000 बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। वहीं मक्सी में सोलर कंपनी जैक्सन में भी युवाओं को नौकरी मिलेगी। कुल मिलाकर 8 हजार करोड़ रुपये का निवेश उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में किया जा रहा है।
जूना महाकाल के भी दर्शन करें
धार्मिक आस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पहले बाबा महाकाल के दर्शन का अवसर मिलना चाहिए, हम तो यहीं के हैं, दर्शन करते रहेंगे। बाबा महाकाल पूरे विश्व के हैं। उन्होंने जूना महाकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि नए महाकाल और जूना महाकाल – दोनों का समान महत्व है, दोनों के दर्शन और पूजन अवश्य करना चाहिए। मंदिरों तक पहुंचने के लिए कई नए मार्ग बनाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर सकें। हमारा लक्ष्य है कि जो उज्जैन एक बार आए, वह बार-बार आए और हम आने वाले यात्रियों का
पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत करें।
बाहरी यात्रियों की शहरवासी करें मदद
मुख्यमंत्री ने एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक बार उन्हें 20 हजार करोड़ के मालिक, नीमच निवासी बड़े व्यापारी मिले। उन्होंने बताया कि वे रास्ता भटककर उज्जैन पहुंच गए थे, तब एक पुलिसकर्मी ने प्रेमपूर्वक कहा कि इतनी दूर से आए हैं तो बाबा महाकाल के दर्शन कर लीजिए। उस प्रेम और अपनत्व से वे खुद को रोक नहीं पाए और दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले यात्रियों की मदद करने वाले लोगों की सूची बनाएं उन्हें होटल और महाकाल के रास्ते बताएं, उनकी सहायता करें, ताकि उज्जैन का गौरव बढ़े।
11 जनवरी को फिर उज्जैन आएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा, हम रहें या न रहें, लेकिन महाकाल की महिमा सदैव रहेगी। उज्जैन में 102 करोड़ सड़कें और बनेंगी, कपिला गौशाला में 3 हजार गौमाता आ चुकी हैं, वहां सेवा और जन्मदिन मनाने की भी अपील की। उन्होंने घोषणा की कि वे 11 जनवरी को फिर उज्जैन आएंगे।
हॉकी का स्टेडियम बनेगा
खेल सुविधाओं पर बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैच विजयाराजे सिंधिया खेल स्टेडियम, नानाखेड़ा में ही होगा। साथ ही हॉकी स्टेडियम भी यहीं बनेगा जिसका टेंडर लग चुका है और जल्द ही काम शुरू होगा।
