बीजापुर, 29 अक्टूबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिला के 18 श्रमिकों को पुलिस ने कर्नाटक से मुक्त करा लिया है।
इन श्रमिकों को एक दलाल बेहतर मजदूरी का झांसा देकर कर्नाटक ले जाया गया था, जहाँ उन्हें बंधुआ मजदूरी जैसी स्थितियों में रखा गया। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद सभी मजदूरों को सकुशल मुक्त कराकर उनके गृहनगर पहुँचाया दिया गया है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, अगस्त माह में सीनू श्रीनिवास नामक दलाल ने ग्राम कड़ेनार के 11 और ग्राम घुमरा के सात मजदूरों को तेलंगाना ले जाने का वादा किया। पहले उन्हें करीमनगर में काम कराया गया, फिर महाराष्ट्र के नांदेड़ ले जाया गया, और अंततः उन्हें कर्नाटक के बागलकोट जिले के बिगड़ी गाँव में एक साहूकार के पास 5 लाख रुपये में गिरवी रख दिया गया।
श्रमिकों से वहाँ जबरन काम लिया गया, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। दलाल के फरार होने के बाद मजदूरों की स्थिति की सूचना मिलते ही बीजापुर के जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई की। एक रेस्क्यू टीम गठित की गई, जिसमें श्रम निरीक्षक लोकेंद्र वैष्णव, राजस्व निरीक्षक यशवंत राव और सहायक उपनिरीक्षक बलदेव कुड़ियाम शामिल थे।
कर्नाटक प्रशासन के सहयोग से सभी 18 मजदूरों को मुक्त कराया गया और उनकी बकाया मजदूरी 1,36,100 रुपये भी दिलवाई गयी। इन श्रमिकों को मंगलवार को बीजापुर लाया गया और आज उन्हें उनके गाँव सुरक्षित पहुँचा दिया गया।
इस मानवीय पहल में जिला प्रशासन, पुलिस और श्रम विभाग के समन्वय की सराहना की जा रही है। मुक्त हुए मजदूरों ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने एक बार फिर से अपने परिवार और आज़ादी की कीमत समझी है।
