
इंदौर. शहर में बढ़ती चोरी की वारदातों के पीछे अब एक बड़ी वजह सामने आई है. कई छोटी बड़ी मल्टीस्टोरी इमारतें सुरक्षा के नाम पर पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई हैं. जहां पर न तो चौकीदार हैं, और न ही कैमरे यहां तक की यहां पर आने जाने वालों का कोई रिकॉर्ड भी नहीं रखा जाता है. हालात यह हैं कि चोर इन मल्टियों को आसानी से निशाना बना रहे हैं. इसे देखते हुए पुलिस ने अब सख्ती शुरू कर दी है.
पिछले कुछ दिनों से पलासिया और तुकोगंज थाना क्षेत्र में छोटी मल्टियों में लगातार चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं. जांच में पता चला कि अधिकांश मल्टियों में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही किसी तरह की निगरानी व्यवस्था है. इसके बाद डीसीपी जोन 3 ने अपने अधीनस्थ थानों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी छोटी मल्टियों का डाटा तैयार किया जाए. पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि पलासिया और तुकोगंज इलाके में सबसे ज्यादा छोटी मल्टीस्टोरी हैं. अब तक करीब 270 ऐसी मल्टियों को चिन्हित किया है, जहां सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हैं. पुलिस ने इन सभी मल्टियों के रहवासी संघों के साथ बैठक कर साफ शब्दों में चेतावनी दी है. एडीसीपी जोन 3 रामस्नेही मिश्रा का कहना है कि रहवासी संघों को निर्देश दिए गए हैं कि मल्टी में जरूरी रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं और कम से कम एक माह की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए. इसके साथ ही चौकीदार की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है. मल्टी के प्रवेश और निकास मार्गों पर कैमरे लगाने और हर आने जाने वाले व्यक्ति की एंट्री दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं. पुलिस ने इन सभी व्यवस्थाओं के लिए समय-सीमा तय कर साफ किया है कि तय समय में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो आगे कार्रवाई भी की जा सकती है. एडीसीपी का मानना है कि अगर मल्टियों में बेसिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है तो चोरी की वारदातों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है.
