जमीन पर आया मटर का भाव, पूंजी तक निकलना हो रहा मुश्किल

जबलपुर: अचानक मटर के भाव गिरने से किसानों के माथे में चिंता की लकीरें स्पष्ट रूप से इन दिनों देखी जा रहीं हैं। क्योंकि किसानों की आय का मजबूत सहारा मानी जाने वाली मटर की फसल इस बार किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होती नजर आ रही हैं। मंडियों में मटर के भाव बहुत नीचे गिर चुके हैं जहां सीजन की शुरूआत में मंडियों में मटर 60 से 70 रुपए प्रति किलो तक बिका था तो वहीं अब मटर 18 से 20 रुपए प्रति किलो पर बिक रहा है।

मटर का व्यवसाय करने वाले किसानों का कहना है कि मौजूदा भाव के हिसाब से उनकी लागत तक नहीं निकल रही है। जबकि बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी मुनाफा तो दूर अब पूंजी वापस आना भी बेहद टेढ़ी खीर नजर आ रहा है। कुछ किसानों ने नवभारत को बताया कि मटर की खेती में प्रति एकड़ 30 से 35 हजार रुपये तक का खर्च आता है, लेकिन मौजूदा दामों में उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उधर स्थानीय व्यापारियों की माने तो मटर की मांग कमजोर होने और स्टॉक अधिक होने के कारण मटर के दामों में भारी गिरावट आई है।
नुकसान की भरपाई में जुटे किसान
जानकारी के अनुसार जिले के ऐसे सभी किसान जो मटर की खेती कर रहे थे वे सभी मटर की फसल अलग करके गेंहूं , चना और सब्जी की फसलों की ओर रूख करने लगे हैं जिससे किसी तरह नुकसान की भरवाई की जा सके।

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