देहरादून। 29 दिसंबर, 2025। त्रिपुरा के निवासी और देहरादून में एमबीए की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। घटना 9 दिसंबर की है, जब सेलाकुई इलाके में एंजेल और उसके भाई माइकल पर कुछ स्थानीय युवकों ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए ‘चीनी’ कहकर हमला किया था। विरोध करने पर हमलावरों ने एंजेल की गर्दन और पीठ पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। करीब 16 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद, 26 दिसंबर को एंजेल ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अगरतला से लेकर देहरादून तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और छात्र संगठन दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।
कठोर प्रशासनिक रुख: सीएम धामी ने की मुख्यमंत्री माणिक साहा से बात, बोले- अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि देवभूमि में किसी भी नागरिक, विशेषकर पूर्वोत्तर के छात्रों के साथ भेदभाव या हिंसा कतई स्वीकार्य नहीं है। सीएम धामी ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा से फोन पर बात कर उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिलाया है। धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर ऐसी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने। इधर, त्रिपुरा के विधायक और मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की अपील की है।
पुलिसिया कार्रवाई: पांच आरोपी सलाखों के पीछे, मुख्य आरोपी की तलाश में नेपाल पहुंची टीम, 25 हजार का इनाम घोषित
देहरादून पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। हालांकि, मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी अभी भी फरार है, जिसके नेपाल भागने की प्रबल आशंका है। पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम नेपाल भेजी गई है। पुलिस ने नेपाल प्रशासन से भी सहयोग मांगा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई विवादों में शामिल रहा है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़कर चार्जशीट तैयार कर रही है।

