जबलपुर: डुमना विमानतल हो या फिर फ्लाइट, आयुध निर्माणी इन्हें शक्तिशाली बमों से उड़ाने की धमकियां मिलती रही हैं। अपराधी कभी मेल के जरिए धमकी भरे मैसेज भेजते है तो कभी नए-नए पैंतरों के माध्यम से धमकी देते है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस अलर्ट मोड में आती हैं, धमकियां अफवाह निकलती है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर मामले थाने की दहलीज तक पहुंचते है, मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज कर लेती है, चंद दिन जांच पड़ताल होती है लेकिन धमकाने वालों का कोई सुराग नहीं लग पाता। एक्सपर्ट फिसड्डी साबित हो जाते है।
पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाती है। इतना ही नहीं पुराने मामलों में भी अगर नजर दौड़ाई जाएं तो पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस का यह दावा जरूर होता है कि धमकियां फेक आईडी और विदेश से दी जाती हैं। मामले की विस्त़ृत जांच चल रही है लेकिन हकीकत में मामले ठंडे बस्ते मेें डाल दिए जाते है जिसकी वजह से आरोपित का सुराग नहीं लग पाता है।
नाम, पता तक नहीं पता कर पाये
ओएफके को बम से उड़ाने की धमकी तो चंद दिन पहले ही मिली परंतु एयरपोर्ट, फ्लाईटों को बम से उड़ाने की धमकियां मिले लंबा समय बीत गया लेकिन धमकी देने वाले कौन है, किस देश के नागरिक है और धमकी कहां से दी गई इसके पीछे का मकसद क्या था इसका पुलिस पता नहीं लगा पाई। पुलिस आरोपी को पकड़ाना तो दूर की बात हैं, उनके नाम पते तक नहीं खोज पाई है।
पत्राचार का जवाब नहीं, अटकी जांचें
धमकी देने वाले आरोपी पुलिस के लिए चुनौती है। जबकि मामले में थाना पुलिस के साथ साइबर टीमें जांच पड़ताल कर रही है। मामले की खोजबीन के दौरान पुलिस पत्राचार जरूर करती है। थाना पुलिस साइबर और फिर मेल, गूगल व अन्य से पत्राचार किए जाते है लेकिन जवाब नहीं मिलते है ऐसे मेें पुलिस की जांचें भी अटकी रहती है और पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं लग पाता।
केस 1
आयुध निर्माणी खमरिया के आफिशियल मेल पर एक मेल 22 दिसम्बर की रात्रि 10.55 बजे आया था जिसमे पाकिस्तानी एजेंट का जिक्र करते हुये 23 दिसम्बर को निर्माणी में बम ब्लास्ट की धमकी दी गई थी। मामले की रिपोर्ट खमरिया थाने में दर्ज है।
केस 2
डुमना विमानतल को छह जुलाई को चार आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी भरा मेल पहुंंचा था। सात जुलाई को मुख्य सुरक्षा अधिकारी (एयरपोर्ट एथोरटी आफ इंडिया जबलपुर) अंकुर मौर्य पिता रंजीत मौर्य 31 वर्ष निवासी 502 डी ब्लाक अपसरा अपार्टमेंट साउथ सिविल लाईन की रिपोर्ट पर अज्ञात पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
केस 3
29 जून को ईमेल के माध्यम से अज्ञात ईमेल के धारक के द्वारा जबलपुर हवाईअड्डा के चारो और पिट्ठू बैग में शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण छुपाकर रख जाने उनके फटने पर जानमाल के नुकसान की धमकी दी गई थी। यह भी लिखा था कि शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण छिपे हुए है इमारतों को तुरंत खाली करना होगा। नहीं तो अंदर के लाग मर जाएंगे अपने हाथ-पैर खौ देंगे या सिर भी काट देंगे। हम रोडकिल और क्यो इस आतंकी हमले के पीछे अपराधी हैं।
केस 4
अक्टूबर 2024 को भी एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। सोशल मीडिया के जरिए धमकी दी गई थी कि इंडिगो फ्लाइट नंबर 9 आई 692 दिल्ली से जबलपुर फ्लाइट में बम रखा हुआ है।
इनका कहना है
आयुध निर्माणी को मेल के जरिए धमकी देने के मामले की जांच चल रही है। पुलिस के साथ साइबर पुलिस पड़ताल कर रही है। विवेचना के दौरान क्लू मिलते ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
जितेन्द्र सिंह, एएसपी, क्राइम
धमकी किसने दी इसका पता नहीं चल सका है। विदेश से फर्जी आईडी के जरिए ऐसे अपराध होते है। साइबर, गूगल से पत्राचार किए गए लेकिन अब तक जवाब नहीं आए है मामले की जांच जारी है।
सरोजनी टोप्पो, खमरिया थाना प्रभारी
