उज्जैन: महाकुंभ 2028 के मद्देनजर जितने भी निर्माण कार्य है वह समय पर पूरे होना चाहिए। लापरवाही नहीं होना चाहिए। सभी कार्यों में गुणवत्ता भी बरती जाना चाहिए किसानों को यदि मुआवजा नहीं मिला है ,तो इसके लिए पटवारी दोषी रहेंगे। सभी का आकलन हो और बराबर मुआवजा मिले यदि कोताही बरती तो पटवारी पर जबरदस्त कार्रवाई की जाएगी ।साथ ही जिन फैक्ट्री के लिए प्लाट लिए गए थे वहां अभी तक कोई इकाई नहीं शुरू की गई तो उद्योग विभाग उन सभी प्लाट का आवंटन निरस्त करें।
यह दिशा निर्देश उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद द्वारा दिशा की बैठक में दिए गए, सांसद अनिल फिरोजिया ने अच्छे कार्यों पर जहां पीठ थपथपाई, वहीं गुणवत्ताहीन कार्यों को लेकर नाराजगी भी जताई। साथ ही अधिकारियों को हिदायत दी की कार्य समय पर पूरे होना चाहिए। आम जनता से लेकर किसानों के कार्य में लापरवाही ना बरती जाए। आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर जिला विकास एवं समन्वय तथा निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शनिवार को प्रशासनिक संकुल भवन में सांसद अनिल फिरोजिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
नागदा विधायक ने पाडलिया रोड पर अतिक्रमण और भारी वाहनों के प्रवेश पर नाराजगी जताई। साथ ही नगर पालिका के आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर कलेक्टर ने जांच और तत्काल भुगतान के निर्देश दिए।ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, नलकूप खनन और जल योजनाओं की समीक्षा की गई। सांसद ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। खाचरौद रोड, बडऩगर रोड ब्रिज के कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
वन विभाग की समीक्षा में शिप्रा नदी किनारे, पंचक्रोशी मार्ग, बनबना तालाब और तराना क्षेत्र में सघन पौधारोपण के निर्देश दिए गए। सिंहस्थ से पूर्व चिडिय़ाघर सह रेस्क्यू सेंटर निर्माण पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया। कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 21 हजार किसानों को 47 करोड़ रुपये की फसल बीमा राशि और 244 करोड़ रुपये मुआवजा दिया गया है। जिन मामलों में दस्तावेजों की लापरवाही से किसानों को लाभ नहीं मिला, वहां संबंधित पटवारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए कि जिन भूखंडों पर उद्योग स्थापित नहीं हुए हैं, उनके आवंटन निरस्त कर युवाओं और स्टार्टअप्स को अवसर दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उप स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता, उपकरण उपलब्धता और माधवनगर अस्पताल की रात्रि निगरानी पर विशेष निर्देश दिए गए। सांसद फिरोजिया ने बैठक में स्पष्ट किया कि सिंहस्थ की तैयारियां सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें, ताकि उज्जैन एक सुव्यवस्थित और भव्य सिंहस्थ के लिए तैयार हो सके
