
रीवा।सावन में झमाझम बारिश के बाद पिछले कई दिनो से बारिश थम गई है और तपन के साथ उमस भरी गर्मी बढ़ गई है. इस समय दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है. वही रात का न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री पर पहुंच चुका है. गुरूवार की रात से झमाझम बारिश नही हुई है.
मंगलवार को शहर में बूंदाबांदी हुई थी, उसके बाद से उमस और बढ़ गई है. वैसे भी विंध्य में सबसे कम वर्षा अभी रीवा में हुई है. जबकि पड़ोसी जिले मऊगंज व अन्य जिले में अच्छी वर्षा हुई है. बारिश थमने के साथ ही तापमान में उछाल देखने को मिला है. दिन भर तेज धूप और गर्मी रहती है, रात में भी उमस भरी गर्मी बनी रहती है. एक बार फिर बिजली की खपत बढ़ गई है. मौसम विभाग की माने तो अभी 24 घंटे बाद तेज बारिश की संभावना है. बुधवार और गुरूवार को अच्छी बारिश हुई थी, उसके बाद से तेज धूप हो रही है. बुधवार को भी दिन भर तेज धूप रही, दोपहर बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था. इस समय किसान भी धान का रोपा खेतो में लगा रहे है और पानी की आवश्यकता है. अचानक बारिश थमने के बाद से रोपा लगाने का कार्य भी धीमा पड़ गया है. लिहाजा मोटर पम्प के द्वारा खेतो में पानी भर के किसान रोपा लगा रहे है. हर दूसरे दिन बारिश हो जाय तो दिक्कत नही है, हालत यह है कि बादल भी नही है बारिश की तो बात दूर है. 24 घंटे बाद उम्मीद है कि जिले में अच्छी बारिश होगी. सावन के महीने में सडक़ो में धूल उड़ रही है, जन जीवन प्रभावित है.
रीवा संभाग में अब तक 656 मिली मीटर औसत वर्षा
रीवा संभाग में एक जून से अब तक 656 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है. संभाग में इस अवधि में रीवा जिले में 452.8 मिलीमीटर, सतना में 567 मिलीमीटर, मैहर में 631 मिलीमीटर, मऊगंज में 907 मिलीमीटर, सीधी में 769 मिलीमीटर तथा सिंगरौली जिले में 611 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. गत वर्ष इसी अवधि में संभाग में 198 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी. संभाग में सिंचाई के प्रमुख स्रोत बाणसागर बांध में 23 जुलाई को सुबह 8 बजे तक जल स्तर 338.71 मीटर तक पहुंच गया है. गत वर्ष 23 जुलाई तक इसका जल स्तर 331.74 मीटर पर था. बांध में 71 प्रतिशत जल भराव हो गया है.
