सतना:मुख्यमंत्री डां मोहन यादव के प्रवास के दौरान रोचक प्रसंग यह आया कि जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जिले को नर्मदा जल आने की बात सुनकर मुख्यमंत्री से ही पूछ लिया की यह कैसे सम्भव है.स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाए गए नवीन अन्तरराज्यीय बस अड्डे के लोकार्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए सांसद गणेश सिंह ने बरगी दायी तट नहर परियोजना के तहत आने वाले पानी की निर्माणाधीन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डां यादव ने इसके लिए एजेन्सियों को अपनी डेड लाइन दे दी है.
यह सुनते ही मंच पर मौजूद पिछले दो साल से जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बगल में बैठे मुख्यमंत्री से पूछ लिया यह कैसे हो सकता है.नर्मदा तो विन्ध्य से विपरीत दिशा में बहती है.यह कैसे हो सकता है.फिर मुख्यमंत्री ने उन्हे परियोजना के तहत अब तक किए गए कामों की पूरी विस्तृत जानकारी दी.दोनों प्रदेश के वरिष्ट नेताओं के बीच मंच पर ही करीब पांच मिनट तक गूफतगूं चलती रही.इसका अन्दाजा कम ही लोंगो को हो पाया.हालांकि बाद में मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में इस बात का जिक्र भी किया कि कैलाश भाई साहब मुझसे पूछ रहे थे कि नर्मदा का पानी यहां कैसे आ रहा है.
तो मैने उन्हे बताया कि इसके लिए अन्तिम तारीख 31जनवरी 26 तय कर दी है.इसी प्रकार का रोचक प्रसंग महापौर योगेश ताम्रकार के उद्बोधन के दौरान भी सामने आया जब मुख्यमंत्री ने श्री ताम्रकार की मांगों को लेकर लम्बे हो रहे सम्बोधन को लेकर मंच पर ही इशारों-इशारों पर कहा कि अब सब कुछ एक ही बार में मत मांग लीजिए.इसके बाद भी महापौर ने कहा कि वे लम्बे समय से अपनी मांगे रखने का इन्तजार कर रहे थे,इसलिए आज जो मांगना चाहता हूं वह पूरा करूगा.
हालांकि मुख्यमंत्री ने महापौर के शहर विकास के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा करते हुए जब यह कहा कि सांसद सब कुछ अच्छे से जानते हैं तो सभा में मौजूद जनसमूह में हल्की सी खिलखिलाहट के साथ तालियां भी बजी.तकरीबन बीस मिनट लम्बे भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के अध्यात्मिक पक्ष को बहुत ही प्रभावी ढग़ से रखा.तुलसीदास की इस दोहा को भी दोहराया चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर,तुलसीदास चंदन घिसे तिलक देत रघुवीर को भी दोहराया
