
राजगढ़। शुक्रवार को जिला चिकित्सालय स्थित मुख्य स्टोर रुम में आग सुलग उठी जिसके कारण लाखों रुपये कीमत की दवाईयां, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सामग्री जलकर स्वाहा हो गई, विशेष बात यह रही कि स्टोर रुम के चंद कदम दूर पर ही ऑक्सीजन सिलेण्डर रुम है वहां तक आग नहीं पहुंची वरना कोई बड़ी अनहोनी घट सकती थी जिसमें कहीं अधिक नुकसान हो जाता.
उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय में स्थित मुख्य स्टोर के पीछे वाले हिस्से में शुक्रवार को भयावह आग लग गई थी. दमकल द्वारा काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. भयावह आग में लाखों रुपये कीमत की दवाईयां एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सामग्री स्वाहा हो गई थी. स्टोर से लगा ऑक्सीजन सिलेण्डर का रुम है, सौभाग्य से वहां तक आग नहीं पहुंची और इसके पूर्व ही आग पर काबू पा लिया गया.
नियम विरुद्ध दिया प्रभार
जिला चिकित्सालय स्थित मुख्य स्टोर का प्रभार एक संविदा कर्मचारी को सौंप दिया गया. जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारी के अनुसार संविदा कर्मचारी जिनके पास सरदार वल्लभा पटेल औषधी वितरण केन्द्र की जिम्मेदारी थी उनको मुख्य स्टोर की इतनी अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई.
सुरक्षा के के इंतजाम दिखा नदारद जिला चिकित्सालय जैसी अहम जगह पर किसी भी आगजनी की घटना से निपटने के लिए जहां आग बुझाने के व्यापक इंतेजाम होना चाहिए वहीं जिला चिकित्सालय में आगजनी के दौरान आग बुझाने के इंतेजाम नदारद दिखाई दिये. ऐसे में आग की विभिषिका कहीं व्यापक रही.
… क्या आगजनी की निष्पक्ष जांच हो सकेगी आगजनी की घटना की जांच हेतु सीएमएचओ द्वारा पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है किंतु इसमें जांच का मुख्य जिम्मा जिन अधिकारी को सौंपा गया है वह पूर्व से ही अनियमितताओं को लेकर विवादों में घिरे रहे है. सीएमएचओं द्वारा जांच कमेटी में मुख्य जिम्मा डॉ रजनीश शर्मा को सौंपा गया है जिन पर मुलताई बी.एम.ओ. के प्रभार में रहते हुए अनियमितिताओं को लेकर संदेह के घेरे में रहे है. वहां इनके द्वारा वर्ष 2016 में बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृती के अस्पताल का पुराना सामान कबाड़ में बेच जाने तथा अस्पताल परिसर में लगे सागौन के पेड़ कटवाकर अपने स्वयं के उपयोग में लेने के आरोप से वह घिरे रहे. संबंधीत प्रकरण की विभागीय जांच तत्कालीन सी.एम.एच.ओ. द्वारा करवाई गई थी जिसमें वह दोषी पाये गये.
किंतु इसमें जांच का मुख्य जिम्मा जिन अधिकारी को सौंपा गया है वह पूर्व से ही अनियमितताओं को लेकर विवादों में घिरे रहे है. सीएमएचओं द्वारा जांच कमेटी में मुख्य जिम्मा डॉ रजनीश शर्मा को सौंपा गया है जिन पर मुलताई बी.एम.ओ. के प्रभार में रहते हुए अनियमितिताओं को लेकर संदेह के घेरे में रहे है.
वहां इनके द्वारा वर्ष 2016 में बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृती के अस्पताल का पुराना सामान कबाड़ में बेच जाने तथा अस्पताल परिसर में लगे सागौन के पेड़ कटवाकर अपने स्वयं के उपयोग में लेने के आरोप से वह घिरे रहे. संबंधीत प्रकरण की विभागीय जांच तत्कालीन सी.एम.एच.ओ. द्वारा करवाई गई थी जिसमें वह दोषी पाये गये.
जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार आगजनी की घटना के लिए जहां विभागीय स्तर पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है वहीं प्रशासनिक स्तर पर घटना की जांच हेतु शनिवार को नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे. कलेक्ट्रेट एवं एसडीएम कार्यालय की और से नायब तहसीलदार मौके पर जांच करने के लिए टीम के साथ पहुंचे. जिनके द्वारा आगजनी वाले स्थल का मौका मुआयना करते हुए आगजनी में दवाईयों, सामग्री के हुए नुकसान की जानकारी ली. 000
आगजनी की घटना होने के कारण और इसमें हुई विभागीय क्षति के आंकलन हेतु कमेटी बनाई है, जो दो दिन के भीतर अपनी रिपार्ट सौंपेगी.
डॉ शोभा पटेल
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़
