
सीधी। लगभग एक महीने से कुचवाही निवासी सीमा गुप्ता पति विकास गुप्ता घूम-घूम कर बहरी मायापुर अमिलिया के कियोस्क संचालको से फ्राड कर रही थी। 26 दिसंबर की शाम बहरी में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक कियोस्क संचालक प्रमोद मिश्रा के साथ फ्राड करने गयी थी। उनकी सतर्कता से पकड़ी गयी सभी कियोस्क संचालको कों प्रमोद ने सूचित कर दिया। हम सब लोग पुलिस आने तक इसको रोके रखा, इसके बाद लिखित आवेदन दे कर बहरी पुलिस के हवाले कर लौट आये। पुलिस द्वारा मामले को विवेचना में लेते हुए महिला को छोड़ दिया गया ।
फ्राड का यह था तरीका
7-8 साल की एक बच्ची के साथ एक महिला आएगी, बोलेगी की मेरे पति के खाते में पैसा डाल दो और हांथ में पैसा भी निकाल लेगी पर देगी नहीं, उसके बाद एक क्यू आर कोड स्केनर दिखाएगी, आप उस स्केनर पर पैसे डालेंगे तो जायेगा नहीं, फिर फोन पर बात करेगी और जिस बैंक का आपका कियोस्क है। उसके अतिरिक्त अन्य बैंक का खाता नंबर बताएगी, जिसमे आप पैसा डालने के लिए मना कर देंगें उसके बाद यह महिला आपसे जबरजस्ती बोलेगी की मैंने आपको पैसा दे दिया है और लडऩे लगेगी जोर-जोर से रोने, चिल्लाने लगेगी जिससे आपके पास भीड़ इक्ट्ठा हो जाएगी, उसका रोना देख कर लोग आप पर दवाब बनाने लगेंगे। अंत में वह आपसे नगद पैसा ले कर भाग जाएगी। एक और फ्राड सामने आयी है की कुछ महिलाये पैसा निकालने आती है। पैसा निकालने के बाद अनपढ़ होने का बहाना कर रजिस्टर में बिना हस्ताक्षर किये निकल जाती हैं। फिर कुछ दिन बाद आपकी शिकायत कर देती हैं की मै इनके यहां पैसा निकालने आयी थी तो इन्होने अंगूठा लगवा लिया और कहा की सर्वर नहीं है। पैसा नहीं दिया था जबकी मेरे खाते से पैसा कट गया है। इसके बाद बैंक के हस्तक्षेप से आपको पैसा देना पड़ता है। इसलिए आप कोई कियोस्क चलाते हैं किसी बैंक का तो सतर्क रहें, सीसीटीवी जरूर लगवा ले पैसा जमा करने वालों से पहले पैसा ले कर गिन ले उनकी सारी डिटेल जरूर लिखें, स्केनर, फोन पे इत्यादि में पैसा डालना बंद कर दें, रजिस्टर में हस्ताक्षर जरूर कराये।
इनका कहना है-
कियोस्क संचालक के आवेदन पर विवेचना की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह लग रहा है कि हजार- दो हजार खाते में राशि डलवाने के बाद गरीबी एवं मजबूरी बताने लगती है। विवेचना के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राजेश पाण्डेय, थाना प्रभारी बहरी
