सतना:सतना रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट के कार्य की मॉनिटरिंग को लेकर मंडल स्तर के अधिकारियों की टीम द्वारा आए दिन सतना पहुंचकर निरीक्षण किया जाता है. इसी कड़ी में इन कार्यों की बारीकी से जांच करने के लिए अपर महाप्रबंधक रेल भी पहुंचे. जिनकी उपस्थिति में कांक्रीट स्लैब के मैटेरियल से लेकर उसकी कास्टिंग जैसे पहलुओं की कड़ी निगरानी की गई.
जबलपुर रीवा शटल ट्रेन में लगे विशेष सैलून में सवार होकर अपर महाप्रबंधक रेल जबलपुर मंडल प्रमोद कुमार खत्री शुक्रवार को सतना पहुंचे. मंडलीय अधिकारियों सहित स्थानीय रेल अधिकारियों की टीम के साथ एजीएम ने रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट कार्य का निरीक्षण शुरु किया. इस दौरान एक ओर जहां निर्माण साइट पर पहुंचने के बाद एजीएम द्वारा उपयोग किए जा रहे मैटेरियल की बारीकी से जांच की.
वहीं दूसरी ओर मैटेरियल की लैब टेस्टिंग भी कराई गई. इतना ही नहीं बल्कि इस दौरान एजीएम द्वारा यह जानकारी भी ली गई कि कंाक्रीट स्लैब ढालने के बाद कितने समय तक इंतजार किया जाता है. स्लैब का तराई कितने समय तक की जाती है. जानकारी सामने आने पर एजीएम द्वारा संतुष्टि जताते हुए स्पष्ट हिदायत दी कि निर्माण कार्य के मानकों में किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जाएगा.
लेकिन वहीं दूसरी ओर जब निर्धारित समय सीमा के आधार पर अब तक हुए कार्यों का आंकलन किया तो मामला काफी पीछे नजर आने लीगा. जिस पर नाराजगी जताते हुए एजीएम ने निर्माण एजेंसी श्याम इंफ्राटेक के सुपरवाइजर को फटकार लगाई कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा दोनों पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है. लिहाजा यदि कार्य में अपेक्षित गति नहीं पाई जाती है तो निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई शुरु की जाएगी. रेलवे स्टेशन रिडेवलपमेंट कार्य से संबंधित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के बाद अपर महाप्रबंधक रेल श्री खत्री शुक्रवार की शाम पटना-एलटीटी एक्सप्रेस में लगे अपने विशेष सैलून में सवार होकर जबलपुर की ओर प्रस्थान कर गए.
सीएमईन आज करेंगे निरीक्षण
प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम मध्य रेल जबलपुर मंडल के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर तुषार सिंह शनिवार को सतना पहुंचेंगे. जहां पर उनके द्वारा रेलवे स्टेशन रिडेवलपमेंट कार्य का निरीक्षण किया जाएगा. बताया गया कि चीफ इंजीनियर अपनी टीम के साथ निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन के यांत्रिक पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे. गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन रिडेवलपमेंट कार्य आरंभ होने के बाद मंडल स्तर से उसकी मॉनिटरिंग करने के लिए नियमित समयांतराल पर रेल अधिकारियों की टीम यहां पहुंचती रही है
