इंदौर: नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 – 26 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार स्वच्छता के लिए ” बढ़ाएं हाथ , करें सफाई साथ ” का नारा दिया गया है। महापौर और निगम आयुक्त की मौजूदगी में स्वच्छता की नई गाइड लाइन को लेकर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सभी अधिकारियों और पार्षदों को मैदान में उतरने के लिए भी कहा गया है।
स्मार्ट सिटी कार्यालय में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बैठक बुलाई । बैठक में निगम आयुक्त दिलीप यादव ,एमआईसी के सभी सदस्य, विभागीय अधिकारी रोहित सिसोनिया और स्वच्छ भारत मिशन की टीम मौजूद थी।महापौर भार्गव ने कहा कि इंदौर लगातार आठ बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बन चुका है। अब नौवीं बार नंबर-1 बनने का लक्ष्य है।
इसके लिए स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बनाना होगा। खास बात यह है कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर के साथ देपालपुर को भी स्वच्छता जोड़ी के रूप में शामिल किया गया है। इससे निगम की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण का यह 10वां संस्करण है।इस बार थीम रखी गई है—“बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” इस प्रतियोगिता में देशभर के 4909 शहर इस सर्वेक्षण में भाग ले रहे हैं।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर पानी बहाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि गंदगी न फैले। स्कूलों में बच्चों से संवाद कर स्वच्छता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने पर जोर भी दिया जाए , क्योंकि वहीं से जागरूकता बढ़ेगी।महापौर ने मुख्य सड़कों पर खुदाई प्रस्तावित है, ऐसे कार्य दो माह में पूरा कर लिया जाए। शहर के रेड स्पॉट्स के लिए विशेष अभियान चलाने, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले डॉग वॉकर्स पर चालानी कार्रवाई और भवन निर्माण कार्यों में बायलॉज बना कर का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए है।
जनभागीदारी से ही मिलेगा नौवीं बार तमगा
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि स्वच्छता की सफलता जनप्रतिनिधियों प्रशासन और नागरिकों की साझी जिम्मेदारी है। यदि सभी मिलकर तय दिशा में काम करें, तो इंदौर एक बार फिर देश को स्वच्छता का मॉडल बन कर दुनिया के पटल पर अपना नाम रोशन करेगा और नौवीं बार नंबर-1 बनने का गौरव हासिल करेगा।
