
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदेश कांग्रस मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक आयोजित की। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, जनसंपर्क को व्यापक बनाने तथा आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीति को धार देने पर विस्तृत मंथन हुआ।
उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों और अग्रणी संगठनों के प्रमुख उपस्थित रहे।
बैठक के बाद संयुक्त पत्रकार वार्ता में हरीश चौधरी और जीतू पटवारी ने विचार-विमर्श को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि गांव और वार्ड स्तर से संगठन को सुदृढ़ करने के लिए अहम निर्णय लिए गए हैं। चौधरी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के दो वर्षीय कार्यकाल की सर्वसम्मति से सराहना की गई। जनसंपर्क कार्यक्रम तथा पंचायत और वार्ड समितियों के गठन पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
चौधरी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को निष्पक्ष न बताते हुए गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के आदर्शों और संविधान की भावना के विपरीत काम कर रही है तथा कांग्रेस 2026 तक सभी स्तरों पर सक्रिय रहकर जनहित के मुद्दे उठाती रहेगी।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घोषणा की कि 1 जनवरी से 15 फरवरी, 2026 के बीच सभी जिलों में पंचायत, वार्ड और मंडल स्तर की समितियों का पुनर्गठन पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संगठनात्मक मजबूती और जनता से सीधे संवाद की दिशा में निर्णायक कदम होगा।
पटवारी ने 2023 विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि लगभग 60 विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर के दौरान हटाए गए मतदाताओं की संख्या भाजपा की जीत के अंतर से अधिक थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और बूथ स्तर के एजेंट मतदाता सूचियों का गहन सत्यापन करेंगे ताकि प्रभावित मतदाताओं को न्याय मिल सके। साथ ही, “गांव चलो–बूथ चलो” अभियान की भी घोषणा की गई, जिसकी निगरानी के लिए राज्य और संभाग स्तर की समितियां शीघ्र गठित होंगी।
