पटना/नई दिल्ली। 26 दिसंबर, 2025। बिहार की राजनीति का पिछले दो दशकों से सबसे बड़ा ‘पावर सेंटर’ रहा ’10 सर्कुलर रोड’ का बंगला अब इतिहास बनने जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी नोटिस के बाद इस प्रतिष्ठित आवास को खाली करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। गुरुवार देर रात गुपचुप तरीके से बंगले से सामान की शिफ्टिंग की गई, जिसमें कीमती पौधों से लेकर घर के अन्य जरूरी सामान को पिकअप वैन के जरिए बाहर निकाला गया। यह बंगला न केवल लालू-राबड़ी परिवार का निवास था, बल्कि आरजेडी (RJD) की तमाम बड़ी रणनीतियों और ऐतिहासिक राजनीतिक फैसलों का मूक गवाह भी रहा है।
इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह बिहार सरकार की आवास नीति में हुआ संशोधन है। नए नियमों के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और अब आवास केवल वर्तमान संवैधानिक पद के आधार पर ही आवंटित किए जा रहे हैं। चूंकि राबड़ी देवी वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उन्हें हार्डिंग रोड पर 39 नंबर का बंगला आवंटित किया गया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा 25 नवंबर को जारी आधिकारिक नोटिस के बाद परिवार ने मर्यादा का पालन करते हुए इस यादों के महल को छोड़ने का निर्णय लिया।
शिफ्टिंग के बाद अब लालू परिवार के दो नए ठिकाने होंगे। जानकारी के अनुसार, परिवार का निजी निवास अब महुआ बाग इलाके में स्थित उनका निजी घर होगा, जहाँ अधिकांश घरेलू सामान और कीमती वस्तुएं भेजी जा रही हैं। वहीं, हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी बंगले का उपयोग मुख्य रूप से आधिकारिक मुलाकातों, राजनीतिक चर्चाओं और विपक्ष की नेता के तौर पर सरकारी कार्यों के लिए किया जाएगा। तेजस्वी यादव भी अब अपनी माता के साथ नए पते पर शिफ्ट हो रहे हैं। इस बदलाव के साथ ही पटना की सड़कों पर 10 सर्कुलर रोड के बाहर लगने वाला समर्थकों का जमावड़ा भी अब नए पते की ओर रुख करेगा।

