उज्जैन: महाकाल की नगरी अब केवल धर्म और आस्था तक सीमित नहीं रह जाएगी, बल्कि आने वाले समय में यह शहर उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त पहचान बनाएगा. मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा विकसित किया जा रहा आईटी पार्क अनंता उज्जैन के युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य की नई राह खोलने जा रहा है.पढ़े-लिखे युवाओं को अब नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह आईटी पार्क स्थानीय स्तर पर ही बड़े अवसर उपलब्ध कराएगा.
दूसरा चरण देगा संबल
एमपीआईडीसी द्वारा आईटी पार्क अनंता के दूसरे चरण के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए लगभग 45.98 करोड़ रुपए का टेंडर जारी होते ही शहर और पूरे मालवांचल में उम्मीद की नई किरण जगी है. परियोजना को उज्जैन के आर्थिक विकास की रीढ़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां बड़े कॉर्पोरेट कार्यालय, आईटी और डिजिटल कंपनियों के लिए स्पेस, स्टार्टअप और इनक्यूबेशन सुविधाएं, आधुनिक कार्यस्थल, सम्मेलन कक्ष, पर्याप्त पार्किंग, कैफेटेरिया और सहयोगी गतिविधियों के क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि एक ऐसा तकनीकी और औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जो युवाओं को सीधे रोजगार और नवाचार से जोड़े.
इंजीनियरिंग कॉलेज पर ले रहा आकर
इंजीनियरिंग कॉलेज के तिराहे पर बन रहा यह आईटी पार्क अब तेजी से आकार ले रहा है. पहले चरण के कार्य की शुरुआत 21 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भूमि पूजन के साथ की गई थी. वर्तमान में पहले चरण का करीब 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. एमपीआईडीसी द्वारा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि तय समय-सीमा में परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके और दूसरे चरण में किसी प्रकार की देरी न हो.
धर्म नगरी बन रही उद्योग नगरी
अभी तक उज्जैन की वैश्विक पहचान महाकाल की नगरी के रूप में रही है, लेकिन आईटी पार्क के पूर्ण होने के बाद शहर को एक नई पहचान भी मिलेगी. उज्जैन अब आईटी और उद्योग नगरी के रूप में भी जाना जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल आईटी और डिजिटल सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि रियल एस्टेट, होटल व्यवसाय, परिवहन और शैक्षणिक संस्थानों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यही कारण है कि प्रदेश की कई आईटी कंपनियों ने पहले ही यहां कार्यालय खोलने में रुचि दिखाई है और करीब एक दर्जन से अधिक कंपनियां स्थान के लिए आवेदन कर चुकी हैं.
कमिश्नर, कलेक्टर और निदेशक कर रहे मोनिटरिंग
आईटी पार्क अनंता को मिशन मोड में विकसित किया जा रहा है, ताकि यह उज्जैन के युवाओं के सपनों को साकार कर सके। यह परियोजना बेरोजगारी की समस्या को कम करने, प्रतिभा पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी. महाकाल की नगरी में उद्योग और तकनीक का यह नया अध्याय उज्जैन को भविष्य के विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ाने वाला सिद्ध होगा. सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर लगातार आईटी पार्क के निर्माण कार्य की मॉनीटरिंग कर रहे हैं
