
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव अमित शर्मा ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से सत्ता में रहने के बावजूद राज्य में भ्रष्टाचार और “कागजी विकास” ही देखने को मिला है।
एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि भाजपा द्वारा “स्वर्णिम” और “विकसित मध्य प्रदेश” के किए गए दावे लगातार सामने आ रहे घोटालों के कारण खोखले साबित हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रीवा जिले की डभौरा नगर परिषद में व्यापम घोटाले की तर्ज पर एक संगठित भर्ती घोटाला किया गया। यह नगर परिषद वर्ष 2020 में सात ग्राम पंचायतों को मिलाकर गठित की गई थी। शर्मा के अनुसार, इस मामले में स्थानीय भाजपा विधायक, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), संयुक्त संचालक तथा अन्य अधिकारियों की सीधी संलिप्तता रही है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद के गठन के समय वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के समायोजन और नियमितीकरण के वैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज किया गया। इसके विपरीत विधायक के परिजनों, निजी सहायक तथा वरिष्ठ अधिकारियों के परिवारजनों की अवैध नियुक्तियां की गईं।
शर्मा ने आरोप लगाया कि जहाँ केवल 21 पद स्वीकृत थे, वहाँ बिना विज्ञापन, आरक्षण, रोस्टर और स्वीकृति के लगभग 50 भर्तियाँ कर दी गईं। फर्जी प्रस्तावों, समितियों और पे-स्लिप के माध्यम से 2 से 5 करोड़ रुपये के गबन का भी आरोप लगाया गया।
जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने स्वतंत्र जांच, अवैध नियुक्तियों को रद्द करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, साथ ही कहा कि कांग्रेस इस मामले को लोकायुक्त और न्यायालय तक ले जाएगी।
