![]()
जबलपुर। क्या कभी आपने सुना है कि कोई यात्री ट्रेन पूरा एक दिन लेट हो। लेकिन जबलपुर में भारतीय रेलवे की दया के चलते ये भी दिन सामने आ गया। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाकर यात्रियों को सुविधा देने का जो प्रयास किया है, वह उसकी लेटलतीफी से बेमानी होती जा रही है। दरभंगा से चलकर मैसूर जाने वाली स्पेशल ट्रेन जिसे रविवार की सुबह 8.25 बजे जबलपुर के मदन महल स्टेशन पहुंचना था, वो सोमवार की दोपहर 2 बजे जबलपुर के मदन महल स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों ने स्पेशल ट्रेन से भविष्य में यात्री नहीं करने की कसम खाई है बताया जाता है कि इस दरभंगा-मैसूर स्पेशल एक्सप्रेस (06212) ट्रेन को रविवार सुबह 8:25 बजे जबलपुर के मदन महल पहुंचना था। हालांकि, खराब मौसम के कारण यह सोमवार दोपहर 2:14 बजे जबलपुर (मदन महल) स्टेशन पर पहुंच सकी। पिछले एक सप्ताह से उत्तर भारत से गुजरने वाली कई ट्रेनें 8 से 24 घंटे तक देरी से चल रही हैं। स्टेशन पर उतरे यात्रियों ने बताया कि ट्रेन दरभंगा से ही देरी से रवाना हुई थी। यात्रियों के अनुसार, ट्रेन को शुक्रवार रात चलना था, लेकिन यह शनिवार सुबह 6 बजे दरभंगा से रवाना हुई और इसके बाद लगातार देरी होती चली गई।
किराया भी ज़्यादा और सुविधाएँ भी कम
रास्ते भर रुकते आयी स्पेशल ट्रेन में यात्री भोजन, पानी के लिए तरस गए। लंबे सफर के कारण यात्रियों को भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में पैंट्रीकार की सुविधा नहीं थी, जिससे रास्ते में भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया। उन्होंने बताया की स्पेशल ट्रेनों का किराया भी अन्य ट्रेनों के मुक़ाबले ज़्यादा होता है बावजूद इस के लोगो को सुविधाएँ नहीं मिलती हैं। ट्रेन में सफ़र कर रहे एक यात्री ने बताया कि घर से लाया गया खाना भी अधिक समय लगने के कारण खराब हो गया। कई यात्रियों ने बताया कि वे शनिवार से ट्रेन में सफर कर रहे थे और सोमवार दोपहर तक उनकी यात्रा पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के इस तरह लेट चलने से यात्रियों को कई समस्याएं होती हैं। आरा बिहार से यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से रविवार सुबह तक पिपरिया पहुंचना था, लेकिन ट्रेन की देरी के चलते वे सोमवार की शाम तक भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएं।
