
देवास। जिले में झोलाछाप और अवैध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष कोटकर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम इंदौर डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच के लिए पहुंची थी। जांच में सामने आया कि सेंटर पर सोनोग्राफी और पैथोलॉजी दोनों सेवाएं संचालित हो रही थीं, लेकिन नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था।
डॉ. संतोष कोटकर के अनुसार, सेंटर में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता पर पहले से शिकायत थी कि वे स्वयं सोनोग्राफी नहीं कर रहे हैं और उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति से जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान एक रेडियोग्राफर गुड्डू कुमार, निवासी बिहार, को डॉक्टर की जगह रंगे हाथों सोनोग्राफी करते हुए पकड़ा गया, जो पूरी तरह अवैध है।
जांच के बाद डॉ. पंकज गुप्ता के नाम से संचालित इंदौर डायग्नोस्टिक सेंटर सहित देवास में दो क्लिनिक और एक पैथोलॉजी सेंटर को सील कर दिया गया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि देवास कलेक्टर इस तरह की गतिविधियों को लेकर सख्त हैं और झोलाछाप डॉक्टरों तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।
