नई दिल्ली। 23 दिसंबर, 2025। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसानों के योगदान को सम्मान देने के लिए आज देशभर में ‘राष्ट्रीय किसान दिवस’ मनाया जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए पांच प्रमुख योजनाओं पर विशेष जोर दिया है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सबसे महत्वपूर्ण है, जिसके तहत देश के करोड़ों किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक इस योजना की 21 किस्तें सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी हैं और किसान बेसब्री से अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं, जो उनकी खेती की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी।
केंद्र सरकार ने 2025-2026 के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के रूप में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य उन पिछड़े क्षेत्रों में खेती को लाभकारी बनाना है, जहां किसान संसाधनों के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। योजना के पहले चरण में देश के 100 जिलों को चुना गया है, जिसमें हर साल लगभग 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले 6 वर्षों तक चलने वाली इस योजना से करीब 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके तहत भंडारण, सिंचाई और आधुनिक कृषि उपकरणों पर निवेश किया जाएगा ताकि उत्पादन लागत कम हो और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सके।
खेती को जोखिम मुक्त बनाने के लिए सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और फसल बीमा योजना के माध्यम से सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है। KCC के तहत अब किसानों को पशुपालन और बागवानी के लिए भी बेहद कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करती है। आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि सिंचाई योजना’ के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर 50 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। इन योजनाओं का सामूहिक उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से निकालकर तकनीक आधारित और मुनाफे वाली खेती की ओर अग्रसर करना है।

