
सारंगपुर। मोहनपुरा परियोजना की प्रेशराइज्ड पाइपलाइन आने से फसलों में सिंचाई होकर पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता होगी किंतु सारंगपुर क्षेत्र में भ्याना सहित अन्य स्थानों पर पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से फसलों में सिंचाई नहीं हो पा रही है. सिंचाई के लिए किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सिंचाई के अभाव में फसले सूखने के कगार पर है. पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
क्षेत्र के किसानों के सामने इन दिनों गहरा संकट खड़ा हो गया है. भ्याना गांव में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से गेहूं की फसलें सूखने लगी हैं, जिससे किसान काफी परेशान है. किसानों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी समस्या को गंभीरता से लेने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर टालमटोल कर रहे हैं.
बोवनी के समय से ही फूटी लाइन
भ्याना गांव में गेहूं की बोवनी के बाद से ही मोहनपुरा परियोजना की प्रेशराइज्ड पाइपलाइन फूटी हुई है, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. समय पर सिंचाई नहीं होने से फसलें सूखने लगी हैं और किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा सता रहा है. यह स्थिति दिनों दिन भयावह होती जा रही है.
जिम्मेदारों की अनदेखी से परेशान हो रहे
उक्त समस्या से जिम्मेदारों को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस रहने से किसान काफी परेशान है. फसल सूखने की चिंता में किसान मानसिक रुप से बहुत परेशान है. फसल खराब होने का डर सता रहा है. मामले को लेकर ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के एसडीओ सिसोदिया से भी संपर्क किया.
समस्या दूर करने की बजाय आंदोलन की सलाह दी
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो फसल को काफी नुकसान हो सकता है. जब उनके द्वारा एक जिम्मेदार अधिकारी से समाधान की बात कही तो उलटे उन्होंने सडक़ पर बैठकर आंदोलन करने की सलाह दे दी.
इस संबंध में मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना के प्रशासक विकास राजोरिया का कहना है कि नहर के पानी को लेकर दो गांवों के बीच आपसी विवाद के चलते अज्ञात लोगों ने पाइपलाइन तोड़ दी है. इसी वजह से पानी की आपूर्ति बाधित हुई है. उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था जल्द कराई जा रही है.
