
खण्डवा। ओंकारेश्वर के घाट मौत के दूत बन रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ढंग की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। दिसंबर अंत और जनवरी के पहले सप्ताह में श्रद्धालु 3 लाख प्रतिदिन आने की संभावना है। कलेक्टर इसके लिए चिंतित हैं, परंतु नर्मदा के घाटों पर मौतें नहीं रोक पा रहे हैं।
हाल ही में इंदौर के दो युवक मझधार में फंस गए। उन्हें होमगार्ड के जवानों ने सूझबूझ से रस्से के सहारे बाहर निकाल लिया।
इन्दौर से ओंकारेश्वर आए 2 युवक संजय पिता विनोद एवं श्रीधर पिता संजय शुक्ला निवासी सुदामा नगर सोमवार को नर्मदा स्नान के दौरान ब्रम्हपुरी घाट पर बढ़ते जलस्तर में बहाव के साथ बहने लगे।
मौके पर तैनात एस.डी.ई.अ ार.एफ. के सैनिक राकेश पटेल व तेजपाल ने युवकों को डूबता देख नदी में लाइफबॉय को रस्से की सहायता से युवकों की ओर फेंका। जिसे पकडऩे पर उन्हें सुरक्षित रूप से खींचकर बाहर निकाल लिया।
जवानों ने दी नई जिंदगी
होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट आशीष कुशवाहा ने बताया कि दोनों जवानों की सूझबूझ से एक अप्रिय घटना को होने से बच गई। घटना के बाद दोनों युवाओं ने होमगार्ड तथा एस.डी.ई.आर.एफ. टीम के काम की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि होमगार्ड के जवान ओंकारेश्वर में घाटों पर लगातार मुस्तैद रहकर ड्यूटी देते रहे हैं।
