
इंदौर। छात्रा प्रियांशी राव की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. लिवइन पार्टनर और सह आरोपी नवीन गौर को सोमवार सुबह इंदौर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल सबूतों ने पूरे मामले की कड़ी मजबूत कर दी है. इससे पहले को एक्यूज्ड भूमि को जेल भेजा जा चुका है.
हीरा नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली प्रियांशी राव ने 24 नवंबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. शुरुआती जांच में पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन मोबाइल की चैट और एक भावुक वीडियो के बाद मामला गंभीर मोड़ ले लिया था, इन्हीं आधारों पर नर्मदापुरम निवासी नवीन पिता नारायण गौर को पुलिस ने आरोपी बनाया है. थाना प्रभारी सुशील पटेल ने बताया कि नवीन सोमवार सुबह अग्रिम जमानत की कोशिश में इंदौर आया था. कोर्ट पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. इससे पहले 20 दिसंबर को सह आरोपी भूमि को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया. नवीन और प्रियांशी लंबे समय तक लिव इन रिलेशन में रहे. दोनों मेघदूत नगर में संचालित कैफे से जुड़े थे और करीब दो वर्ष तक साथ रह चुके थे. घटना के बाद नवीन गिरफ्तारी से बचने के लिए निमनपुर गांव में छिपा हुआ था. जांच में यह भी सामने आया कि कैफे के कारोबार में प्रियांशी से पैसे लगवाए थे. मामले में सबसे अहम कड़ी वह वीडियो है, जो प्रियांशी की मौत के पहले रिकॉर्ड हुआ. वीडियो में वह रोते हुए भूमि और नवीन को जिम्मेदार बताती दिख रही है. वह कहती है कि दोनों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, “मैं नवीन के बिना नहीं रह पाऊंगी… सॉरी.” थाना प्रभारी सतीश पटेल ने यह भी बताया कि मोबाइल चैट में भी बार-बार धमकी, झगड़े और प्रताड़ना के संकेत मिले हैं. जांच में यह भी जानकारी मिली कि भूमि ने कई बार प्रियांशी को मैसेज कर नवीन से दूरी बनाने की चेतावनी दी थी. विवाद बढ़ने पर प्रियांशी नवीन का घर छोड़कर अलग रहने लगी थी. सुसाइड से करीब एक सप्ताह पहले उसने नया कमरा किराए पर लिया था. इसके बाद नवीन नर्मदापुरम भाग गया और भूमि व प्रियांशी में लगातार तनाव बना रहा. प्रियांशी मूल रूप से देवास की रहने वाली थी. वह सेज यूनिवर्सिटी में पढ़ रही थी. परिवार का कहना है कि मौत से पहले वह तनाव में थी और डिप्रेशन झेल रही थी. पुलिस अब वीडियो, चैट, कॉल डिटेल और आर्थिक लेनदेन की जांच आगे बढ़ा रही है.
