इंदौर:पिछले कुछ वर्षों में शहर में सडक¸ों के निर्माण के नाम पर सैकड़ों मकान को ध्वस्त कर दिया गया, जिसके चलते लाखों परिवार बेघर हो गए. उनकी पूरी जिंदगी की पूंजी नष्ट होने के बाद उन्हें न तो मुआवजा मिला और ना ही हक की जमीन.यूं तो ऐसा शहर के कई क्षेत्रों में हुआ है, पर हम बात कर रहे हैं आरआई-2 मार्ग की. यह मार्ग एमआर-10 स्टार चौराहा से होते हुए खजराना, बंगाली कॉलोनी, मूसाखेड़ी से होता हुआ आरटीओ पहुंचेगा.
वर्तमान में खजराना क्षेत्र के न्यू दाऊदी कॉलोनी के करीब सौ मकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया और कुछ मकानों के हिस्से तोड़ दिए गए. इन मकानों में रहने वाले लोग अधिकतर मजदूर वर्ग से हैं, जिन्होंने पाई-पाई जोडक¸र कॉलोनाइजर से प्लॉट खरीदा और लोन लेकर अपने परिवार के लिए मकान बनाया. इन रहवासियों को कॉलोनाइजर और निगम अधिकारियों द्वारा अंधकार में रखा गया.
उन्हें नहीं बताया गया कि यहां मास्टर प्लॉन के अंतर्गत फोरलेन मार्ग निकलेगा. नगर निगम द्वारा जिनके मकान ध्वस्त किए गए, उन्हें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया जा रहा और ना ही इन्हें आवास बनाने के लिए कहीं जमीन दी जा रही है. अगर दिया जा रहा है तो मल्टी में फ्लैट जिस पर भी प्रशासन रुपए ले रहा है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि कॉलोनाइजर से मोटी रिश्वत एंठने वाले अधिकारियों और कॉलोनाइजर पर कार्रवाई होगी या नहीं. क्योंकि इन दोनों के खेल में नुकसान गरीब जनता का हुआ है.
यह बोले यू दाऊदी कॉलोनी के रहवासी
प्रशासन ने हमें रोड पर लाकर खड़ा कर दिया है. अब कोई मदद नहीं की जा रही. हमें मुआवजा दिया जाए या जमीन के बदले जमीन. बेवा हूं बेटी के सिवा मेरा कोई नहीं.
– नसरीन बी
मैंने कर्जा लेकर के मकान बनाया था, जो आज भी उतार रही हूं. मकान में तीन परिवार रह रहे थे, जो बेघर हो गए हैं. हमें मुआवजे में प्लॉट की जगह प्लॉट दिया जाए.
– नियाज सायरा बी
पूरी जिंदगी की पूंजी बर्बाद कर दी. हम मुआवजे की मांग करते हैं, हमें हमारा हक ईमानदारी से दिया जाए. जहां फ्लैट दिए जा रहे हैं, वहां पर परिवार के रहने लायक जगह नहीं है.
– अब्दुल कुद्दूस शेख
