नयी दिल्ली (वार्ता) कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण संकट को एक प्रभावशाली तरीके से उजागर किया। सांता क्लॉज़ के रूप में सजे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने साउथ एक्सटेंशन और कनॉट प्लेस के बाज़ारों में निकले और नागरिकों को मास्क, टॉफियाँ और ‘सांता का सीक्रेट नोट’ वितरित करते हुए दिल्ली प्रदूषण पर अपनी बात रखी।
साउथ एक्सटेंशन और कनॉट प्लेस में सांता को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे, इस अवसर पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा जब दिल्ली में सांता को भी मास्क पहनना पड़े, तो यह दिखाता है कि सरकारें कितनी बुरी तरह विफल रही हैं। हमारे बच्चे गैस चैंबर में बड़े हो रहे हैं और नागरिकों को जश्न और ज़िंदगी के बीच चुनाव करने को मजबूर किया जा रहा है। संसद के 15 दिनों में उस हवा पर, जिसे हम सांस लेते हैं, 15 मिनट भी चर्चा नहीं हुई। स्वच्छ हवा एक मौलिक अधिकार है। हम हर नागरिक के सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए तुरंत, गंभीर और समयबद्ध कार्ययोजना की मांग करते हैं।
एनएसयूआई ने दिल्ली सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियों की तत्काल जवाबदेही होनी चाहिए, प्रमुख प्रदूषण स्रोतों पर सख्त नियंत्रण करना चाहिए, एक पारदर्शी और समग्र स्वच्छ वायु रोडमैप बनाया जाए और बच्चों, बुज़ुर्गों और संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सुरक्षा दिया जाए।
वायु प्रदूषण स्थिति उजागर करने के लिए एनएसयूआई का अनोखा विरोध, सांता बन कर मास्क और टॉफियाँ बांटी
