
नई दिल्ली, 15 नवम्बर 2025: लंबे समय से इजराइल का विरोध करने वाला पाकिस्तान अब तेल अवीव के करीब आता दिख रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पर्यटन सलाहकार यासिर इलियास खान ने लंदन में इजराइली पर्यटन महानिदेशक माइकल इजाकोव से मुलाकात की। इससे पहले, पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर ने मिस्र में मोसाद अधिकारियों के साथ एक सीक्रेट मीटिंग भी की थी, जिसमें सीआईए के अधिकारी भी मौजूद थे।
अमेरिकी डॉलर और अब्राहम समझौते का दबाव
जियो-पॉलिटिकल गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान अमेरिकी डॉलर और गाजा शांति योजना के बदले अपनी दशकों पुरानी नीति बदल देगा। माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन पाकिस्तान पर अब्राहम समझौते में शामिल होने का दबाव बढ़ा रहा है। यदि पाकिस्तान इस समझौते पर दस्तखत करता है, तो वह इजराइल को मान्यता देने वाला एक और इस्लामिक देश बन जाएगा।
भारत की निगरानी और बलूचिस्तान का पहलू
पाकिस्तान की इस नई योजना पर भारत कड़ी नजर रख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान भविष्य में अमेरिका के कहने पर इजराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने की योजना बना रहा है। इस योजना में ईरान को घेरना भी शामिल है, जिसके तहत बलूचिस्तान के बंदरगाहों पर अमेरिकी सैनिक तैनात किए जा सकते हैं। पाकिस्तानी सेना द्वारा गाजा में हमास से हथियार छीनने के लिए अपनी सेना भेजने पर विचार करने की खबरें भी हैं।
