
बदनावर । ग्राम पिटगारा के प्रमुख चौराहे पर स्थित फोरलेन मार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने और सड़क मरम्मत का कार्य बेहद धीमी गति से चलने के कारण आमजन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जहां प्रतिदिन गांव के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने के लिए इसी व्यस्त मार्ग को पार करते हैं और बदनावर की ओर आने-जाने वाली स्कूल बसें भी इसी चौराहे से होकर गुजरती हैं, लेकिन गति नियंत्रण की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से भारी वाहन, बसें, कारें और दोपहिया चालक तेज रफ्तार में निकल जाते हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, ग्रामीण दीपेंद्र सिंह पंवार और प्रेम सिंह पंवार ने बताया कि फोरलेन बनने के बाद से वाहनों की संख्या और उनकी रफ्तार में लगातार इजाफा हुआ है, जबकि चौराहे पर पहले स्पीड ब्रेकर मौजूद थे, जिन्हें सड़क मरम्मत का कार्य शुरू होते ही हटा दिया गया, इसके बाद से वाहन बिना रुके तेज गति से गुजर रहे हैं और खासकर स्कूल समय में बच्चों को सड़क पार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उन्होंने यह भी बताया कि मरम्मत कार्य लंबे समय से अधूरा पड़े रहने के कारण मार्ग पर असमान स्थिति बनी हुई है, जिससे वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं और हादसों की संभावना और बढ़ जाती है, ग्रामीणों के अनुसार यह चौराहा पहले भी गंभीर दुर्घटनाओं का गवाह रहा है और पिछले दिनों यहां सड़क हादसों में लोगों की मौत तक हो चुकी है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं, ग्रामीणों का कहना है कि इस विषय में फोरलेन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठाया, जिससे प्रशासनिक उदासीनता को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है, उल्लेखनीय है कि बीते दिनों बदनावर चौपाटी पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बदनावर के सभी वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं फोरलेन अधिकारी की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें यातायात सुधार को लेकर चर्चा की गई, वहीं अब 22 दिसंबर को पुनः सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं फोरलेन अधिकारी की समीक्षा बैठक प्रस्तावित बताए जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि पिटगारा चौराहे की गंभीर समस्या पर भी ठोस निर्णय लिया जाएगा, ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि उक्त बैठक में इस चौराहे पर तत्काल स्पीड ब्रेकर का पुनः निर्माण, चेतावनी संकेतक लगाने, सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाने और स्कूल समय में विशेष ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मासूम बच्चों सहित आम नागरिकों की जान की सुरक्षा हो सके और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
