इंदौर: मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य का दूसरा चरण 23 दिसंबर से शुरू होगा. अगले एक महीने तक दावे आपत्ति पर सुनवाई होगी. खास बात यह है कि एक दिन में 50 से ज्यादा प्रकरणों की सुनवाई नहीं होगी.आज कलेक्टर सभागृह में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की समीक्षा बैठक की. बैठक में डॉ. शर्मा बताया गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य का दूसरा चरण 23 दिसम्बर से शुरू होगा. 23 दिसम्बर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
इसी दिन से दावे-आपत्ति लेने का कार्य प्रारंभ होगा जो आगामी 22 जनवरी 2026 तक चलेगा. बैठक डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में, पूर्ण पारदर्शिता और शुद्धता के साथ पूर्ण किया जाए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न ह. बैठक में कलेक्टर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों के एसडीएम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित थे.
एक माह तक चलेगी प्रक्रिया
डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि अब दावा-आपत्ति की सुनवाई के तहत जिले में लगभग 4.66 प्रतिशत अनमैप मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे. आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर संबंधित मतदाताओं को अपने दावे प्रस्तुत करने होंगे, जिनकी सुनवाई ईआरओ एवं एईआरओ स्तर पर की जाएगी. डॉ. शर्मा ने कहा कि दावा-आपत्ति की यह प्रक्रिया लगभग एक माह तक चलेगी, जिसके बाद आगामी चरण की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अब प्रशासन का पूरा फोकस इसी चरण पर रहेगा और इसके लिए जिले की पूरी टीम तैयार है.
सुगम स्थानों पर स्थापित किए ईआरओ कार्यालय
बैठक में बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए ईआरओ कार्यालय मतदाताओं के नजदीक और सुगम स्थानों पर स्थापित किए गए हैं, ताकि उन्हें दूर न जाना पड़े. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि एक दिन में 50 से अधिक प्रकरणों की सुनवाई न हो, जिससे निष्पक्ष और बेहतर ढंग से सुनवाई संभव हो सके. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने एसआईआर प्रगति की जानकारी दी
