ओलंपिक कोटे के लिए पहलवानों को संबंधित भार वर्ग के राष्ट्रीय ट्रायल्स के विजेता के खिलाफ एक मुकाबले में हिस्सा लेना होगा

नयी दिल्ली (वार्ता) भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने कहा है कि नये बदलावों के तहत लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में पहलवानों को कोटा प्राप्त करने के लिए संबंधित भार वर्ग के राष्ट्रीय ट्रायल्स के विजेता के खिलाफ एक मुकाबले में हिस्सा लेना होगा। डब्ल्यूएफआई ने आगामी लॉस एंजिल्स ओलंपिक में योग्य पहलवान को पहुंचाने के लिए एक नई चयन नीति लागू की है, जिसके तहत कोटा विजेता को सीधे स्थान नहीं मिलेगा। कोटा हासिल करने वाले पहलवानों को राष्ट्रीय ट्रायल के विजेता के खिलाफ एक निर्णायक मुकाबला जीतना अनिवार्य होगा।

ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रणाली में, एक एथलीट अपने नेशनल ओलंपिक कमेटी (एनओसी) की ओर से कोटा हासिल कर सकता है, न कि खुद के लिए।

कोटा हासिल करने वाले एथलीट को सीधे ओलंपिक में प्रवेश के बजाय अंतिम चयन मुकाबले में राष्ट्रीय ट्रायल के विजेता से मुकाबला करना होगा। अगर कोटा हासिल करने वाला विजेता अंतिम ट्रायल मुकाबला हार जाता है, तो उसे अपना स्थान पुनः प्राप्त करने के लिए रीमैच मांगने का विकल्प मिलेगा।

इसके आलवा इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पहवानों की सरकारी राष्ट्रीय शिविर में उपस्थित होना आवश्यक है। जो भी पहलवान शिविर से बाहर रहेगा, वह अपने पिछले रिकॉर्ड या परफॉर्मेंस की परवाह किए बिना, सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने के लिए अपने आप अयोग्य हो जाएगा।

यह नीति आगामी सभी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए लागू होगी।

 

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