
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सशक्त अर्थनीति और दूरदर्शी सोच ही किसी राज्य और देश के संतुलित व स्थायी विकास की दिशा तय करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते दशक को देश की अर्थव्यवस्था का स्वर्णिम काल बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब मेक इन इंडिया से आगे बढ़कर मेक फॉर वर्ल्ड के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुंबई में आयोजित वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम कॉन्फ्रेंस–2025 को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। निवेशकों की जैसी जरूरत होगी, सरकार वैसी ही मदद करेगी। प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, पारदर्शी प्रशासन और सरल नीतियां लागू की गई हैं। हाल ही में लॉन्च की गई 18 नई औद्योगिक पॉलिसियां प्रदेश के विकास के लिए गेम चेंजर साबित हो रही हैं। इन नीतियों के कारण मध्यप्रदेश निवेश, रोजगार और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त भूमि और जल संसाधन, कुशल युवा शक्ति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। बीते वर्षों में लाखों नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से करोड़ों के निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे मध्यप्रदेश में निसंकोच निवेश करें। सरकार नीतियों से आगे बढ़कर भी निवेशकों के साथ खड़ी है और ‘विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
