
खंडवा। पुराना कर्ज चुकाने से बचने के लिए एक किसान टंट्या ने रात भर पुलिस की नाक में दम कर दिया। डेढ़ लाख रुपए कीमत की मक्का बेचने के बाद उसने कोहदड़ रेलवे के अंडर ब्रिज पर खुद के साथ लूट की कहानी रच दी। लोगों के कर्ज से बचने के लिए उसने यह साजिश रची थी। उसने पुलिस को बताया कि थैली में रुपए रखकर घर जा रहा था। इसी बीच दो मोटरसाइकिल सवारों ने उसे रात के 9.30 बजे रोका। आंख में मिर्ची झोंकी और रुपए लेकर भाग निकले।
बोरगांव चौकी वालों को शक हुआ तो सबसे पहले डाक्टरी परीक्षण टंट्या की आंखों का कराया। उसकी आंखों में मिर्च के कण होने से डॉक्टर ने इनकार कर दिया। फिर पुलिस का असली खेल शुरू हुआ। टंट्या ने हकीकत उगल दी और घटना के फर्जी होने का बताया। आरोपी उसे ही बनकर पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।
रातभर परेशान
रही पुलिस
इस फर्जी घटना की सूचना पर बोरगांव चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रामप्रकाश यादव ने चौकी के बल के साथ घटनास्थल ग्राम कोहदड मोरी के पास रेल्वे अंडर ब्रिज पर देर रात तक मशक्कत की। काफी संख्या में लोग भी लोग एकत्रित हो गए थे। गुनाबेडा कोहदड निवासी टंटया ऊर्फ टीकम पिता काशीराम डावर 32 साल ने फर्जी कहानी बताई कि खंडवा से मक्का की फसल करीबन 53 क्विटल बेचकर वापस मोटर सायकल से आ रहा था। रात करीबन 09.30 बजे कोहदड मोरी के रेलवे अंडर ब्रिज के पास पहुंचा था कि सामने से एक मोटर सायकल पर सवार 02 व्यक्ति आए और अचानक मोटर सायकल अडाकर अपने पास रखी मिर्ची का पाउडर आंखों में डालकर थैली में रखे नगदी 1,50,000 रूपए छीनकर भाग गए।
आंखों में नहीं
मिले मिर्ची के कण
टंट्या पिता काशीराम डावर का उपचार करने वाले डॉक्टर जगदीश तंवर ने बताया कि टंटया ऊर्फ टीकम की आंखों में मिर्ची के पाउडर के कण नहीं पाए गए हैं। इसके बाद सारे मामले का खुलासा हो गया। वह सही से जवाब नहीं दे पा रहा था। बार-बार बयान बदल रहा था।
खुद किया फर्जी
लूट का खुलासा
टंट्या ऊर्फ टीकम डावर ने बताया कि खेती का कर्जा अधिक होने के कारण कर्जे वालों से बचने के लिए उसने अपने साथ लूट होने की मनगढंत कहानी बनाई थी।
