नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में ‘ज्ञान भारतम्’ पोर्टल का शुभारंभ किया। ‘ज्ञान भारतम्’ पोर्टल में देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का संजोने वाली एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का संरक्षण और उसका डिजिटिलकरण किया गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने स्वागत संबोधन में कहा कि भारत की विशाल ज्ञान परंपरा और संस्कृति को संरक्षित करने और वैश्विक बनाने का काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में साकार हुआ है। उन्होंने ज्ञान भारतम् के तीन दिवसीय आयोजन को उन्होंने ज्ञान परंपरा का पुनर्जागरण का पर्व बताते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत पांडुलिपियों को सरंक्षण के साथ उसका डिजिटिलीकरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, विशेषज्ञों, संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं सहित 1,100 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत इस विशाल पांडुलिपि संपदा में दिखाई देगी। इसमें ग्रंथ दर्शन, विज्ञान, चिकित्सा, गणित, खगोल विज्ञान, साहित्य, कला, वास्तुकला और अध्यात्म जैसे विषयों श्रृंखला का विस्तार है। विभिन्न लिपियों और भाषाओं में लिखे गए ये ग्रंथ मंदिरों, मठों, जैन भंडारों, अभिलेखागारों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहों में सुरक्षित हैं।
