सतना: जिला चिकित्सालय में थेलिसिमिया पीड़ित मरीजों को संक्रमित ब्लड दिए जाने के मामले में राज्य शासन ने प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्लड बैंक प्रभारी तथा दो लैब टेक्नीशियन को निलंबित कर दिया है.उल्लेखनीय है कि संक्रमित ब्लड दिए जाने के बाद थैलीसीमिया पीड़ित मरीजों के एच आई वी पॉजीटिव पाए जाने की खबर प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गम्भीरता से लेते हुए आनन-फानन में जांच कमेटी बनाकर सतना भेजी थी. सीईओ आयुष्मान भारत डॉ योगेश भरसट आईएएस की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय जांच समिति गठित की .
आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी ने इस समिति में डॉ. सत्या अवधिया, क्षेत्रीय संचालक, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, रीवा संभाग, सचिव डॉ. रूबी खान, उप संचालक, एस.बी.टी.सी./ब्लड सेल, संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित जांच दल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विशेषज्ञ डॉ. रोमेश जैन, एम्स भोपाल, डॉ. सीमा नवेद, सीनियर ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन एवं ब्लड सेंटर अधिकारी, भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र (बीएमएचआरसी), भोपाल, संजीव जादोन, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, होशंगाबाद, और प्रियंका चौबे, औषधि निरीक्षक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल को शामिल किया गया था.
जांच समिति के अध्यक्ष डॉ भरसट की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कारवाई करते हुए ब्लड बैंक प्रभारी और दो लैब टेक्नीशियन निलंबित जिसमें डॉ देवेन्द्र पटेल पैथोलॉजिस्ट और ब्लड बैंक प्रभारी तथा राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडे लैब टेक्नीशियन शामिल हैं. साथ ही पूर्व सिविल सर्जन जिला हास्पीटल सतना को कारण बताओ नोटिस दिया गया है.डॉ मनोज शुक्ला पूर्व सिविल सर्जन को कारण बताओ सूचना पत्र के सन्दर्भ में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण समाधान कारक न होने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.इस आशय के आदेश राज्य शासन ने देर रात जारी किए.
