रीवा: राजस्व अधिकारियों का लालच खत्म नहीं हो रहा। एक और राजस्व अधिकारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गया। सीमांकन के लिए किसान से 3 हजार रुपए की मांग की थी। रुपए लेते लोकायुक्त ने आरआई को धर दबोचा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।मिली जानकारी के अनुसार तहसील सेमरिया ग्राम बीड़ा पड़रिया टोला निवासी इन्द्रमणि प्रसाद शुक्ला ने लोकायुक्त के पास 16 दिसंबर को एक शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि भूमि सीमांकन के लिए उन्होंने तहसील सेमरिया में आवेदन किया था। सक्रिल शाहपुर के आरआई रामविश्वास कोल से मिल कर जमीन के सीमांकन के लिए बात की थी।
सीमांकन के लिए आरआई राम विश्वास कोल पिता विश्राम कोल उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम फुटौंधा पोस्ट बाबूपुर थाना कोलगवां जिला सतना ने रुपयों की डिमांड की। किसान ने आरआई को 2 हजार रुपए दे दिए। सीमांकन तिथि के चार दिन पहले ही 3 हजार रुपए किसान ने आरआई को दिए थे । सीमांकन तिथि के दिन आरआई खेत पर नहीं पहुंचे। उन्होंने सीमांकन नहीं किया। फिर जब आरआई से किसान मिला तो उन्होंने 2 हजार रुपए की और डिमांड की। इस शिकायत की एसपी लोकायुक्त ने जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई।
इसके बाद लोकायुक्त एसपी ने आरआई को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना तैयार की और टीम को किसान के साथ आरआई की बताई जगह पर रुपए लेकर भेजा। जैसे ही आरआई ने रुपए लिए वैसे ही लोकायुक्त टीम ने आरआई को धरदबोचा। आरोपी के खिलाफ लोकायुक्त ने धारा 7 भ्रष्टाचार निवरण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इस कार्रवाई में ट्रेपकर्ता अधिकारी एस राम मरावी निरीक्षक विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय रहे। ट्रैप दल के सदस्यों में प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक व उनकी टीम शामिल रही।
बरौं में रुपए लेकर किसान को बुलाया
आरआई से जब किसान इन्द्रमणि प्रसाद शुक्ला की बात हुई तो उसने रुपए लेकर उन्हें ग्राम बरौं में बुलाया। 3 हजार रुपए लेकर इन्द्रमणि आरआई की बताई जगह पर पहुंचे। ग्राम बरौं में मोतीलाल साकेत के घर के सामने ही रुपए आरआई को दिए गए। जैसे ही आरआई ने रुपए लिए, वैसे ही टीम ने उन्हें धरदबोचा।
लगातार हो रही कार्रवाई फिर भी बाज नहीं आ रहे
लोकायुक्त लगातार कार्रवाई कर रहा है। लोक सेवक रिश्वत लेते पकड़े भी जा रहे। इसके बाद भी रिश्वत लेने से अधिकारी, कर्मचारी बाज नहीं आ रहे। कुछ दिन पहले रायपुर कर्चुलियान तहसील अंतर्गत बरेही हल्का में पदस्थ पटवारी नवीन गुप्ता पिता राममूर्ति गुप्ता उम्र 42 वर्ष को लोकायुक्त ने 500 रुपए लेते पकड़ा था। भूमि का नामांतरण के लिए पटवारी ने 2 हजार रुपए की मांग की थी। 1 हजार रुपए पहले ही पटवारी ने ले लिया था। इसके बाद भी नामांतरण की कार्रवाई नहीं कर रहे थे। 500 रुपए की मांग और की। पटवारी नवीन गुप्ता कृष्णाकुंज कालोनी स्थिति आवास पर रुपए लेते ट्रेप हुए थे.
