भोपाल: भारत भवन की रंगदर्शनी दीर्घा में मंगलवार को युवा चित्रकार श्वेता संजय उरणे की एकल चित्र प्रदर्शनी का आरंभ हुआ। यह प्रदर्शनी रुपाभ श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित की गई है। जिसका संयोजन रुपंकर कला प्रभाग ने किया है। प्रदर्शनी में श्वेता की मालता से प्रेरित चित्र श्रृंखला प्रस्तुत की गई है। चित्रकार श्वेता ने बताया कि उनके चित्रों में यूरोप के ऐतिहासिक देश मालता में बिताए समय के अनुभव देखने को मिलेंगे। प्रदर्शनी में पंद्रह से अधिक कलाकृतियां हैं। जिनमें बड़े कैनवास पर उनकी बनी रचनाएं शामिल हैं।
श्वेता ने बताया कि उन्होंने मालता के पुराने भवनों, चर्चों और स्थापत्य संरचनाओं को अपने चित्रों का केंद्र बनाया है। इन चित्रों में केवल इमारतें नहीं बल्कि वहां का जीवन, वातावरण और मानवीय भावनाएं भी दिखाई गई हैं। उन्होंने अपने चित्रों में संतुलित रंगों और सधी हुई आकृतियों के माध्यम से वास्तुकला को दिखाने का प्रयास किया है। जिसे प्रदर्शनी में आये दर्शक बड़ी ही रोचकता से देखते हुए नजर आ रहे थे।
कलाकार ने बताया कि मालता में तीन महीने के प्रवास के दौरान उन्होंने वहां की दिनचर्या, लोगों के चेहरे और सांस्कृतिक माहौल को करीब से देखा। जिसे उन्होंने इन कृतियों में उकेरा है।इस श्रृंखला की एक प्रमुख कृति पहले मालता के राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शित हो चुकी है। जो श्वेता की कला को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी दर्शाती है। भारत भवन से जुड़कर कला साधना करने वाली श्वेता वर्ष 2018 से सक्रिय रूप से चित्रकला में कार्य कर रही हैं। उनकी यह प्रदर्शनी यात्रा अनुभव और संवेदना का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।
