नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (वार्ता) भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कप्तान और डिफेंडर रोहित ने एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप 2025 में भारत की कांस्य पदक जीत पर कहा है कि मैच में पिछड़ने के बाद वापसी करना उनकी टीम के आत्मविश्वास और मानसिक ताकत का प्रमाण है।
पिछले दो जूनियर हॉकी विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय युवा आखिरकार पोडियम पर लौटे और तीसरे स्थान पर टूर्नामेंट का अंत किया। कांस्य पदक मैच में भारत तीसरे क्वार्टर के अंत तक 0-2 से पीछे था, लेकिन आखिरी 15 मिनट में शानदार आक्रामक प्रदर्शन करते हुए युवा खिलाड़ियों ने चौथे क्वार्टर में एक के बाद एक चार गोल दागकर कांस्य पदक पक्का किया।
कप्तान रोहित ने हॉकी इंडिया के साथ खास बातचीत में कहा, “यह कांस्य पदक टीम के हर खिलाड़ी के लिए बहुत मायने रखता है। पिछले दो जूनियर विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद हम इस बार पोडियम पर वापस आना चाहते थे। जिस तरह से टीम ने 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी की, वह हमारे विश्वास, मानसिक ताकत और एक-दूसरे पर भरोसे को दिखाता है।”
उन्होंने रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना को हराने पर कहा, “तीसरे क्वार्टर के अंत में हमने खुद को शांत रहने और अपना स्वाभाविक खेल खेलने की याद दिलाई। कोचिंग स्टाफ हमें बताता रहा कि एक गोल मैच की रफ्तार बदल देगा। एक बार खाता खुल गया तो सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया। अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम के खिलाफ आखिरी क्वार्टर में चार गोल करना कुछ ऐसा है जिस पर हमें हमेशा गर्व रहेगा।”
उल्लेखनीय है कि भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। अपने सभी पूल स्टेज मैच जीतने के बाद भारत ने सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए शूटआउट में बेल्जियम को हराया। उनकी एकमात्र हार सेमीफाइनल में जर्मनी से हुई, जिसके बाद टीम ने जोरदार वापसी करते हुए टूर्नामेंट का शानदार अंत किया।
रोहित ने टीम के प्रदर्शन पर कहा, “हमने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन हॉकी खेली। हमारे सभी पूल मैच जीतना और फिर शूटआउट में बेल्जियम को हराना दबाव में हमारे धैर्य को दिखाता है। सेमीफाइनल में हार मुश्किल थी, लेकिन लड़कों ने फिर से एकजुट होकर टूर्नामेंट को पदक के साथ खत्म करने में बहुत परिपक्वता दिखाई।”
ड्रैगफ्लिक विशेषज्ञ रोहित अब हॉकी इंडिया लीग 2025-26 में खेलते दिखेंगे। इस साल की नीलामी से पहले SG पाइपर्स ने उन्हें रिटेन किया था। एचआईएल के महत्व और एसजी पाइपर्स के साथ अपने जुड़ाव पर रोहित ने कहा, “हॉकी इंडिया लीग युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक शानदार प्लेटफॉर्म है। आपको दुनिया के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ और उनके खिलाफ दबाव वाले मैच खेलने को मिलते हैं। इससे उच्च-स्तरीय हॉकी की ज़रूरतों को समझने में सच में मदद मिलती है।”
उन्होंने कहा, “मेरे लिए एचआईएल मेरी ड्रैगफ्लिकिंग, फैसले लेने और खेल की समझ को बेहतर बनाने में बहुत ज़रूरी रहा है। अनुभवी अंतरराष्ट्रीय डिफेंडरों और पेनल्टी-कॉर्नर विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण से आप हर दिन अपने खेल को बेहतर बनाने के लिये प्रेरित होते हैं। एसजी पाइपर्स द्वारा रिटेन किये जाने से मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और टीम में ज़्यादा योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।”
रोहित ने जूनियर और सीनियर इंटरनेशनल हॉकी के बीच के अंतर को पाटने में लीग की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, “एचआईएल युवा खिलाड़ियों को दबाव वाले हालात, भरे हुए स्टेडियम और अलग-अलग खेलने की शैलियों का अनुभव देकर सीनियर हॉकी के लिए तैयार करता है। यह हमें न सिर्फ़ खिलाड़ी के तौर पर, बल्कि मानसिक रूप से भी बढ़ने में मदद करता है. मैं जूनियर विश्व कप से मिली सीख को आने वाले हीरो हॉकी इंडिया लीग सीज़न में इस्तेमाल करने के लिए उत्साहित हूं।”
