गुवाहाटी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के गुवाहाटी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के चौतरफा विकास का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसे कांग्रेस ने दशकों तक नजरअंदाज किया। पीएम ने बजट का जिक्र करते हुए बताया कि जहाँ कांग्रेस के समय असम को केवल 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं अब भाजपा सरकार 50 हजार करोड़ रुपये दे रही है। पिछले 11 वर्षों में केंद्र ने असम की परियोजनाओं के लिए 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे ‘मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस’ (MMC) की संज्ञा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की कांग्रेस देश के टुकड़े करने का सपना देखने वालों और उत्तर-पूर्व को भारत से अलग करने के नारे लगाने वालों को अपना ‘पूजनीय’ मानती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग ‘भारत माता’ के नाम से परहेज करते हैं, वे देश का भला कभी नहीं कर सकते। उन्होंने जनता को आगाह किया कि आजादी के समय देश बांटने वाली मानसिकता अब कांग्रेस के भीतर घर कर गई है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है।
पुलवामा हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री ने मां भारती के वीर सपूतों को नमन किया। उन्होंने देश को याद दिलाया कि कैसे आतंकी हमलों के बाद भारत ने घर में घुसकर सजा दी और हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए अपनी बढ़ती वैश्विक सैन्य शक्ति का परिचय दिया। इसके साथ ही उन्होंने असम की सांस्कृतिक धरोहर और ब्रह्मपुत्र रिवर टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से नॉर्थ-ईस्ट के 125 से अधिक व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कार मिलना इस क्षेत्र की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

