रीवा: रीवा के चार मंडल अध्यक्ष की घोषणा की गई है. जिसको लेकर सवाल उठने लगे है और खाटी सक्रिय कार्यकर्ताओं को कही न कही दरकिनार किया गया है.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल व संभाग प्रभारी के सहमति एवं जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता के मार्गदर्शन और विधायको की सहमति से विधानसभा सेमरिया, त्योंथर व गुढ़ के मंडल अध्यक्षो की घोषणा कर दी गई है. जहाँ कटरा से साबेन्द्र शर्मा, महसांव से विश्वजीत चौरसिया, मनकहरी से शैलेंद्र सिंह व सेमरिया से अरूणेन्द्र तिवारी को मंडल अध्यक्ष घोषित किया गया है.
गौरतलब है कि संगठन चुनाव 2024 के दौरान 15 दिसम्बर 2024 को जिले के 22 मण्डल अध्यक्षों की घोषणा तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा की गई थी व दो नए मंडल कटरा व महसांव की नियुक्ति नहीं हो पाई थी. जिले के संगठन में बवाल तब मच गया था जब प्रदेश निर्वाचन अधिकारी ने 25 दिसम्बर 2024 को सेमरिया मण्डल अध्यक्ष अरूणेन्द्र तिवारी की उम्र ज़्यादा होने के कारण व मनकहरी मंडल की नियुक्ति पूर्व विधायक के पी त्रिपाठी के दबाव में प्रदेश निर्वाचन अधिकारी द्वारा दोनों मंडलो के निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया गया.
सोमवार को चार मण्डल अध्यक्षो की घोषणा होते ही जिले में सभी भाजपाई हतप्रभ रह गए कि प्रदेश निर्वाचन अधिकारी द्वारा उम्र ज्यादा होने की वजह से हटाए गए सेमरिया मंडल अध्यक्ष अरूणेन्द्र तिवारी को आज पुन: मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया. वहीं मनकहरी मंडल के ऐसे व्यक्ति शैलेन्द्र सिंह को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है जो भाजपा के सक्रिय सदस्य तक नही है और न ही कभी भाजपा में रहे न ही किसी पद में रहे. कई तरह के सवाल उठने लगे है आखिर सिद्धांत की बात करने वाली भाजपा व जिलाध्यक्ष सक्रिय खाटी कार्यकर्ताओं को हासिए में क्यो रख दिये. खाटी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है.
