
बैतूल। बैतूल जिले में सामने आए अब तक के सबसे बड़े संगठित साइबर ठगी एवं अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के प्रकरण में बैतूल पुलिस ने निरंतर कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्म, म्यूल खातों, अवैध सिम बिक्री एवं अकाउंट खरीद-फरोख्त की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया है। 14 दिसंबर को की गई कार्रवाई में 3 अतिरिक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अब तक 9.84 करोड़ से अधिक के अवैध ऑनलाइन लेन-देन का खुलासा हो चुका है, जबकि एक म्यूल खाते में सात माह के भीतर 10 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन पाया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में गठित साइबर सेल एवं विशेष एसआईटी टीम द्वारा की गई है। सोमवार को कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व में 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, वहीं तीन आरोपियों को 14 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया है। श्री जैन ने बताया कि 20 नवंबर को प्रथम बड़ी कार्रवाई करते हुए राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया था, वहीं 07 दिसंबर को अमित अग्रवाल (इंदौर से गिरफ्तार) किया गया। 11 दिसंबर को राजेन्द्र राजपूत (पूर्व में फरार) ब्रजेश महाजन की गिरफ्तारी हुई। 14 दिसंबर को अश्विन धर्मवाल (खंडवा से), प्रवीण जयसवाल (खंडवा से) और पीयूष राठौड़ को बैतूल से गिरफ्तार किया है। प्रकरण में गिरफ्तार सभी आरोपियों से एक-एक मोबाइल फोन जप्त किया गया है, जिनमें अवैध लेन-देन, संपर्क सूत्र एवं डिजिटल साक्ष्य पाए गए हैं। जप्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। श्री जैन ने बताया कि जप्त डिजिटल उपकरणों का गहन फॉरेंसिक विश्लेषण, अवैध ऑनलाइन बेटिंग व साइबर ठगी की मनी-ट्रेल की विस्तृत जांच और नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार एवं सहयोगी आरोपियों की तलाश जारी है। उक्त कार्रवाही में डीएसपी दुर्गेश आर्मो, निरीक्षक नीरज पाल, एसआई अश्विनी चौधरी (साइबर), एसआई नवीन सोनकर (साइबर), एसआई उत्तम मस्तकार, एसआई राकेश सारेयाम, एसआई रवि शाक्य, प्रधान आरक्षक तरुण पटेल, शिव उइके, आर. दीपेन्द्र सिंह (साइबर), आर. राजेंद्र धाड़से (साइबर), आर. बलराम राजपूत (साइबर), आर. पंकज (साइबर) एवं आर. सचिन हनवते (साइबर) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
