इंदौर: शहर में बढ़ता यातायात और दिन में अनेक बार लगते जाम के कारणों में से मुख्य कारण दुकानदारों द्वारा सडक़ों पर अवैध तरीके से कब्जा भी है. इस कारण की ओर से नगर निगम एवं यातायात विभाग दोनों ही आंखें मूंदे और चुप्पी साधे हुए हैं.शहर का सबसे व्यस्त रहने वाला राजवाड़ा और इसके आसपास लगने वाले व्यवसायिक क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से लेकर रात्रि 9.30 बजे तक लगातार एक जैसा यातायात सडक़ों पर बना रहता है.
अगर बात की जाए नई बागड़, रानीपुरा और नॉर्थ तोड़ा के पीछे वाले हिस्से की तो इस चौराहे पर पांच रास्तों का संगम होता है. शीतला माता मंदिर से आने वाला सियागंज, महारानी रोड से आने वाला मार्ग, जवाहर मार्ग की ओर से आने वाला जेल रोड और एमजी रोड से आने वाला यातायात पटाखे की दुकान के सामने से होते हुए रिवरसाइड जाता है. इस मुख्य चौराहे पर देखें तो यहां लगभग हर दुकानदार ने अपनी दुकानों का सामान 8-10 फीट तक सडक़ों पर बिछा रखा है. इतना ही नहीं, दूसरे शहरों में पहुंचने वाला लगेज भी अवैध तरीके से दुकानदार द्वारा सडक़ों पर रख दिया जाता है.
यह बोले वाहन चालक एवं ग्राहक
अगर सडक़ पर रखा दुकानों का सामान और पार्किंग यहां से हटा दी जाए तो सडक़ का आकार इतना खुलकर सामने आएगा कि यातायात सरलता से चलता रहेगा और किसी को कोई समस्या नहीं होगी.
– विनीत यादव
इस क्षेत्र में जाम लगने का मुख्य कारण सडक़ों और फुटपाथों पर अवैध कब्जे हैं. नगर निगम और यातायात विभाग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जनता को सुविधा मिल सके .
-आदर्श गुप्ता
ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती, यह बड़ा सवाल है. विभागों पर संदेह भी होता है, अगर कभी होती भी है तो केवल दिखावे की कार्रवाई होती हैं. अमूमन अनदेखी की जाती है फिर चाहे जनता पिसती रहे.
– शुभम मालवीय
