भोपाल। एक विवादित बयान के बाद सुर्खियों में आए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब राज्य सरकार ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।
राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस बने इस अधिकारी को वर्ष 2012 का बैच आवंटित हुआ था। हालात तब बिगड़े जब 23 नवंबर को आयोजित एक प्रांतीय अधिवेशन में दिए गए उनके बयान से ब्राह्मण समाज में नाराजगी फैल गई। बयान को आपत्तिजनक बताते हुए प्रदेश भर में विरोध शुरू हो गया और कार्रवाई की मांग तेज हो गई।
मामले को गंभीर मानते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारी को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा। इसके साथ ही उनके द्वारा कथित रूप से गलत जानकारी के आधार पर आईएएस अवार्ड हासिल करने का मामला भी सामने आया। राज्य सरकार का कहना है कि उनके वक्तव्यों से सामाजिक तनाव उत्पन्न हुआ, जो एक अखिल भारतीय सेवा अधिकारी के आचरण के विपरीत है। इसी आधार पर केंद्र को बर्खास्तगी का प्रस्ताव भेजा गया है।
