बैंकॉक/नॉम पेन्ह, 13 दिसंबर (वार्ता) थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के दौरान 15 थाई सैनिकों की मृत्यु हो गयी है। थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरासंत कोंगसिरी ने शनिवार को यह घोषणा की।
इस बीच, कंबोडिया ने बढ़ती सरगर्मियों के बीच ‘अग्रिम सूचना’ तक थाईलैंड से लगी देश की सभी सीमाएं बंद कर दी हैं। कंबोडिया के गृह मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि थाईलैंड ने ‘अंधाधुंध हमले’ करके कंबोडिया की संप्रभुता के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाये थे जिसके बाद उनके देश ने यह फैसला लिया है।
बयान में कहा गया कि कंबोडिया के जो नागरिक इस समय थाईलैंड में रह रहे हैं वे अपना जीवन सामान्य तौर पर जीते रहें। बयान में यह भी कहा गया कि थाईलैंड के जो नागरिक कंबोडिया में रह रहे हैं, वे भी संघर्षविराम होने तक सामान्य तौर पर अपना जीवन जीते रहें।
इस बीच, थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेउ ने डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान पर नाराज़गी ज़ाहिर की है जिसमें उन्होंने थाई सैनिकों की मृत्यु को एक हादसा करार दिया था।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “कई थाई सैनिकों हताहत करने वाला सड़क किनारे हुए विस्फोट एक हादसा था। बहरहाल, थाईलैंड ने इसका ज़ोरदार जवाब दिया।
श्री फुआंगकेटकेउ ने कहा कि अमेरिका के पास शायद सही तथ्य नहीं हैं, या उन्हें गलत जानकारी दी गयी है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प की इस टिप्पणी से थाई लोग निराश हैं कि जिस धमाके में कई थाई सैनिक मारे गए और घायल हुए, वह एक “हादसा” था। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियों से थाई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
उल्लेखनीय है कि थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को अपने सीमा विवाद के बारे में श्री ट्रम्प से अलग-अलग फोन पर बात की। उसी दिन, श्री ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि दोनों नेता शुक्रवार शाम से लागू होने वाले संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं।
श्री अनुतिन ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनका देश तब तक सैन्य अभियान जारी रखेगा जब तक थाईलैंड का इलाका और लोग खतरे से बाहर नहीं हो जाते।
