
भोपाल। महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री के कड़े संदेश के बाद मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने अपना आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की है। संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को, चाहे वे कितने ही ऊँचे पद पर क्यों न हों, बख्शा नहीं जाएगा।
नायक ने आंदोलन को समर्थन देने वाले राजनीतिक नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रदेश भर के पत्रकारों व मीडिया कर्मियों को विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री निवास के घेराव सहित आंदोलन के सभी कार्यक्रमों को 10 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। यह निर्णय सामान्य वर्ग एवं ब्राह्मण समाज के नेताओं की कोर ग्रुप बैठक में लिया गया।
बैठक में सकल ब्राह्मण समाज संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक वीरेंद्र शर्मा, मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया, संघ अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक, रामनारायण अवस्थी, राकेश चतुर्वेदी, पुष्पेंद्र मिश्रा, गौरीशंकर ‘काका’, रामबाबू शर्मा, दिनेश तिवारी, अशोक भारद्वाज सहित अनेक कर्मचारी व समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह आंदोलन 23 नवंबर 2025 को आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भोपाल सहित अन्य स्थानों पर 18 दिनों तक चला। शुक्रवार को वल्लभ भवन के बाहर ‘शंखनाद’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
संघ का दावा है कि आंदोलन का असर हुआ है और 12 दिसंबर 2025 को राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर वर्मा की पदोन्नति वापस लेने का अनुरोध किया है। आगामी 10 दिनों बाद स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
